सरकार ने CBSE के चेयरमैन और सचिव को हटाया:विवादित ऑन स्क्रीन मार्किंग के टेंडर की जांच के आदेश

केंद्र सरकार ने मंगलवार को ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) विवाद के बीच CBSE के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का ट्रांसफर कर दिया। इसके अलावा OSM सर्विस के टेंडर और खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।
इनकी जगह सरकार ने सीनियर IAS ऑफिसर लोखंडे प्रशांत सीताराम को CBSE का नया चेयरमैन और वरुण भारद्वाज को सचिव नियुक्त किया है। प्रशांत लोखंडे 2001 बैच के AGMUT (अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश) कैडर के अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी हैं। वहीं, वरुण भारद्वाज साल 2008 बैच के भारतीय सूचना सेवा (IIS) अधिकारी है।
OSM प्रणाली में गड़बड़ी का खुलासा करने वाले 12वीं के छात्र सार्थक सिद्धांत आज दोपहर एक बजे संसद की स्थायी समिति के सामने पेश हुए। ऐसा पहली बार हुआ कि किसी मामले में कोई स्टूडेंट अपनी बात रखने के लिए बुलाया गया।
दरअसल, 13 मई को CBSE ने 12वीं का रिजल्ट जारी किया था। इस बार पहली बार कॉपियां कंप्यूटर स्क्रीन (OSM सर्विस) पर चेक की गई थीं। रिजल्ट आने के बाद कई छात्रों ने नंबरों को लेकर शिकायत की, जिसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई है।

स्टूडेंट ने संसदीय समिति को बताया- OSM में 15 खामियां


पोर्टल पर साइबर अटैक हुआ
उधर, CBSE के री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर अटैक हुआ। CBSE के अनुसार, 2 मिनट में 15 लाख एक्सेस अटेंप्ट हुए, जबकि 1 लाख से ज्यादा बार सिस्टम की फाइलों तक बिना अनुमति पहुंचने की कोशिश की गई।
हालांकि, साइबर अटैक के बावजूद पोर्टल काम करता रहा और दोपहर 3 बजे तक 16 हजार से ज्यादा छात्रों ने आवेदन कर दिया। यह पोर्टल सोमवार से शुरू होना था।
सार्थक सिद्धांत ने संसद की स्थायी समिति के सामने OSM प्रणाली के लागू होने और इसके टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी बात रखी। सार्थक सिद्धांत ने कहा, ‘मेरे ब्लॉग के अनुसार कम से कम 15 खामियां हैं।’ इसके बाद शिक्षा मंत्रालय ने CBSE से कोएम्प्ट (COEMPT) को टेंडर देने को लेकर बोर्ड से रिपोर्ट मांगी।
संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने बताया, ‘सार्थक ने समिति के समक्ष अपनी बात रखी है। अब समिति उनके उठाए गए मुद्दों और CBSE के जवाबों पर विचार करेगी।’
OSM की गड़बड़ी सामने लाने वाले 2 छात्र, दोनों ने परीक्षा दी

- वेदांत से बोर्ड ने मांफी मांगी: दिल्ली के वेदांत श्रीवास्तव ने भी 12वीं की परीक्षा दी थी। फिजिक्स में 65 नंबर मिले तो उन्होंने आवाज उठाई। रीवैल्युएशन में कॉपी मिली तो गड़बड़ी का पता चला। पहले उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया। ट्रोलर्स ने उन्हें देशद्रोही तक कहा, बाद में बोर्ड ने गलती मानी और माफी मांगी।
- सार्थक ने टेंडर में गड़बड़ी निकाली: रांची के 17 साल के सार्थक सिद्धांत टेक रिसर्चर हैं। उन्होंने भी परीक्षा दी थी। उन्होंने एक आम छात्र से आगे बढ़कर एक खोजी पत्रकार/डेटा साइंटिस्ट की तरह काम किया। सीबीएसई की तरफ से जारी पिछले 576 दस्तावेजों का बारीकी से अध्ययन और तुलना कर टेंडर में गड़बड़ी का खुलासा किया।



