लाइफ स्टाइल

बॉयफ्रेंड बचपन के दोस्त से इनसिक्योर है:कहता है, दोस्ती तोड़ लो, मुझे दोस्ती और प्यार दोनों चाहिए, क्या करूं

सवाल- मेरी उम्र 23 साल है। मैं एक रिलेशनशिप में हूं। हमने साथ में अच्छा

मय बिताया है, लेकिन पिछले कुछ समय से सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। प्रॉब्लम ये है कि मेरा पार्टनर मेरे एक बचपन के दोस्त को लेकर बहुत इनसिक्योर फील करता है। वह मुझसे बार-बार कहता है कि मुझे उसमें और अपने दोस्त में से किसी एक को चुनना होगा। मेरे लिए यह स्थिति बहुत मुश्किल है। मैं न तो अपने पार्टनर को खोना चाहती हूं और न ही अपने बचपन के दोस्त को छोड़ना चाहती हूं। मैं उसे कैसे समझाऊं और इस सिचुएशन को कैसे संभालूं?

एक्सपर्ट- डॉ. जया सुकुल, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, नोएडा

जवाब- सबसे पहले सवाल पूछने के लिए आपका शुक्रिया। यह एक कॉमन सिचुएशन है। आपके सवाल से कई लोगों को अपनी सिचुएशन समझने और हैंडल करने में मदद मिलेगी। चलिए अब इसे समझते हैं और उसके सॉल्यूशन पर बात करते हैं।

ट्रस्ट और इनसिक्योरिटी का सवाल

यह सिर्फ दोस्त और पार्टनर के बीच चुनाव का सवाल नहीं है, बल्कि ट्रस्ट और इनसिक्योरिटी का सवाल है।

अगर पार्टनर कहता है कि ‘मुझे या दोस्त’ में से किसी एक को चुनो तो यह अल्टीमेटम जैसा है। इससे मन में ‘द्वंद’ (दोहरे विचार) पैदा हो सकते हैं। इसलिए इसे हैंडल करने में आपको मुश्किल हो रही है। इस स्थिति में मन में क्या सवाल आते हैं

आपको क्या करना चाहिए?

इस स्थिति में सबसे जरूरी संतुलन और क्लैरिटी रखना है। पार्टनर की इनसिक्योरिटी को समझना जरूरी है, लेकिन किसी भी रिश्ते में ‘दोस्ती और प्यार में एक चुनने’ का दबाव हेल्दी नहीं माना जाता। बेहतर होगा कि आप शांति से खुलकर बात करें। उन्हें भरोसा दिलाएं, साथ ही यह भी स्पष्ट करें कि आपकी दोस्ती आपकी जिंदगी का हिस्सा है।

इसके कुछ पॉइंट्स डिटेल में समझें-

  • पार्टनर को समझाएं कि दोस्त आपके जीवन का अहम हिस्सा है, लेकिन उसकी (पार्टनर) जगह अलग और बेहद खास है।
  • कई बार पार्टनर को लगता है कि उसे ‘इग्नोर’ किया जा रहा है। उसके साथ क्वालिटी टाइम बिताएं और यह महसूस कराएं कि आपके जीवन में उसकी खास अहमियत है।
  • दोस्त और अपने बीच कुछ सीमाएं तय करें। जैसे, पार्टनर के सामने घंटों दोस्त से बात न करें या पार्टनर के साथ डेट के वक्त दोस्त के कॉल न उठाएं। इससे पार्टनर को सुरक्षित महसूस होगा।
  • उससे पूछें, “तुम्हें डर किस बात का है?” क्या उसे दोस्त के व्यवहार से दिक्कत है या सिर्फ इस बात से कि वह एक लड़का है?
  • अगर इसके बाद भी उसमें कोई सुधार नहीं दिख रहा है तो आपको रिश्ते के बारे में अच्छे से सोचने की जरूरत है।

रिश्ते में न करें ये कॉम्प्रोमाइज

रिलेशनशिप में कुछ कॉम्प्रोमाइज होते हैं। आप अपने-सोने जागने का समय बदल सकते हैं। अपनी हॉबीज बदल सकते हैं, लेकिन ये तीन चीजें कॉम्प्रोमाइज नहीं करनी चाहिए-

  • सेल्फ रिस्पेक्ट
  • पर्सनल स्पेस
  • ह्यूमन डिग्निटी (मानवीय गरिमा)

कोई फैसला लेने से खुद से पूछें सवाल

ऐसी स्थिति में भावनाओं में बहकर तुरंत निर्णय लेना सही नहीं होता। थोड़ा ठहरकर अपनी जरूरतों, सीमाओं और रिश्ते की वास्तविक स्थिति को समझना जरूरी है। खुद से सही सवाल पूछने पर यह स्पष्ट होगा कि आपके लिए क्या सही है।

अंतिम सलाह

हर रिश्ते में कुछ समझौते होते हैं, लेकिन समझौते और ‘आत्मसमर्पण’ में फर्क होता है। अगर कोई आपसे बरसों पुरानी दोस्ती खत्म करने को कह रहा है तो वह आपके व्यक्तित्व को कंट्रोल करना चाहता है।

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