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हाई ब्लड प्रेशर आज की सबसे कॉमन हेल्थ प्रॉब्लम;क्या बिना दवा भी हो सकता कंट्रोल, अगर हाई बीपी है तो डॉक्टर से जरूर पूछें ये 15 सवाल

हाई ब्लड प्रेशर आज की सबसे कॉमन हेल्थ प्रॉब्लम है। BP बढ़ने पर लोग डॉक्टर के पास जाते हैं और सजेस्ट की गई दवाएं खाते हैं। इससे ब्लड प्रेशर काफी हद तक कंट्रोल हो जाता है और मशीन में नंबर्स ठीक दिखने लगते हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या सिर्फ नंबर कंट्रोल होना ही काफी है?

अमेरिकन कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर जैक वुल्फसन के मुताबिक, BP की दवाएं सिर्फ रीडिंग कम करती हैं, बीमारी की असली वजह को ठीक नहीं करती हैं। हाई BP शरीर का एक अलार्म है, जो बताता है कि अंदर कुछ गड़बड़ चल रही है। यह लगातार तनाव, नींद की कमी, पेट की चर्बी, इंसुलिन रेजिस्टेंस या नर्व प्रॉब्लम का संकेत हो सकता है।

  • क्या सिर्फ दवाओं से BP कंट्रोल हो सकता है?
  • BP बढ़ने पर डॉक्टर कौन-से सवाल पूछने चाहिए?

सवाल- ब्लड प्रेशर का क्या मतलब है?

जवाब- हमारे शरीर के हर अंग को काम करने के लिए ब्लड की जरूरत होती है। इसके लिए जरूरी है कि ब्लड पूरे शरीर की नसों में लगातार बहता रहे।

इस प्रक्रिया के लिए हार्ट लगातार पंप करता है। जब हार्ट पंप करता है, तो ब्लड फ्लो से नसों की दीवारों पर दबाव पड़ता है। ब्लड फ्लो से पड़े इसी दबाव को ब्लड प्रेशर कहते हैं।

इस प्रेशर को दो नंबर में मापा जाता है, सिस्टोलिक और डायस्टोलिक प्रेशर-

  1. पहला नंबर यानी सिस्टोलिक प्रेशर बताता है कि हार्ट के पंप करने पर प्रेशर कितना है।
  2. दूसरा नंबर यानी डायस्टोलिक प्रेशर बताता है कि हार्ट के आराम की स्थिति में ब्लड प्रेशर कितना है।

सवाल- ब्लड प्रेशर का बढ़ना खतरनाक क्यों है?

जवाब- ज्यादा प्रेशर नसों की दीवारों को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाता है। इससे हार्ट को ब्लड पंप करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। लंबे समय तक ब्लड प्रेशर हाई रहने से हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी फेलियर और आंखों की रोशनी कमजोर होने का रिस्क बढ़ जाता है। इसकी सबसे बड़ी परेशानी यह है कि अक्सर इसके लक्षण नहीं दिखते, लेकिन अंदर-ही-अंदर शरीर को नुकसान होता रहता है।

सवाल- ब्लड प्रेशर बढ़ने की असली वजह क्या होती है?

जवाब- मुख्य रूप से इन कारणों से बढ़ता है ब्लड प्रेशर-

  • लंबे समय तक ज्यादा नमक और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड खाने से शरीर में सोडियम बढ़ने के कारण।
  • लगातार तनाव रहने से स्ट्रेस हार्मोन यानी कॉर्टिसोल, एड्रेनालिन के बढ़ने के कारण।
  • फिजिकल एक्टिविटी बहुत कम होने से से इंसुलिन रेजिस्टेंस और फैट जमा होने के कारण।
  • बेली फैट बढ़ने से शरीर में इंफ्लेमेशन बढ़ने के कारण।
  • नींद की कमी और अनियमित दिनचर्या से हार्ट रेट और हॉर्मोनल बैलेंस बिगड़ने के कारण।
  • स्मोकिंग, शराब और बहुत मीठा खाने से नसों की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचने के कारण।

सवाल- क्या सिर्फ दवाओं से BP को पूरी तरह कंट्रोल किया जा सकता है?

जवाब- यह हमेशा जरूरी नहीं है कि ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए दवा खानी ही पड़ेगी। अगर ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा नहीं है और हाइपरटेंशन की स्थिति नहीं बनी है, तो इसे लाइफस्टाइल में बदलाव करके कंट्रोल किया जा सकता है। अगर ब्लड प्रेशर लंबे समय तक बढ़ा रहे, तो डॉक्टर की सलाह से दवाएं लेना जरूरी है।

सवाल- क्रॉनिक स्ट्रेस और नींद की कमी का BP पर क्या असर पड़ता है?

जवाब- क्रॉनिक स्ट्रेस यानी लंबे समय तक बना रहने वाला तनाव शरीर में स्ट्रेस हाॅर्मोन, जैसे कॉर्टिसोल और एड्रेनलिन को बढ़ाता है। ये हाॅर्मोन ब्लड वेसल्स को सिकोड़ते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है।

वहीं नींद की कमी से शरीर को रिकवरी का समय नहीं मिलता है। रात की नींद में BP नेचुरली कम होता है, लेकिन जब नींद पूरी नहीं होती तो BP लगातार हाई बना रहता है। लगातार खराब नींद और तनाव से हार्ट अटैक व स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।

सवाल- बेली फैट और इंसुलिन रेजिस्टेंस का BP से क्या रिलेशन है?

जवाब- पेट के आसपास जमा चर्बी यानी बेली फैट सिर्फ वजन नहीं बढ़ाती, बल्कि हाॅर्मोनल गड़बड़ी भी पैदा करती है। इससे इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है यानी शरीर इंसुलिन का सही इस्तेमाल नहीं कर पाता है।

इसके कारण ब्लड वेसल्स सख्त होने लगती हैं और इनमें सूजन आ जाती है। इससे ब्लड फ्लो बाधित होता है और BP बढ़ने लगता है। यही वजह है कि मोटापा, डायबिटीज और हाई BP की समस्या अक्सर एक साथ होती है।

सवाल- ज्यादा नमक खाने से BP क्यों बढ़ता है?

जवाब- नमक में मौजूद सोडियम के कारण बॉडी में वॉटर रिटेंशन बढ़ जाता है। इससे शरीर में ब्लड की मात्रा बढ़ती है और नसों पर दबाव बढ़ता है। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है। ज्यादा सोडियम ब्लड वेसल्स को सख्त कर देता है, जिससे उनकी फ्लेक्सिबिलिटी कम हो जाती है। इसलिए पैकेज्ड फूड, अचार, नमकीन और फास्ट फूड में नमक ज्यादा होता है, जो BP को धीरे-धीरे बढ़ाते हैं।

सवाल- किन हालात में BP की दवाएं न लेना खतरनाक हो सकता है?

जवाब- अगर किसी व्यक्ति का BP लगातार हाई है या उसे पहले से हार्ट डिजीज, स्ट्रोक, किडनी की बीमारी या डायबिटीज है, तो दवाएं न लेना खतरनाक हो सकता है।

ऐसे मामलों में सिर्फ लाइफस्टाइल सुधारना काफी नहीं होता। दवा छोड़ने से अचानक BP बढ़ सकता है। इससे हार्ट अटैक, ब्रेन हैमरेज या किडनी फेल होने का खतरा रहता है। डॉक्टर की सलाह के बिना BP की दवा बंद करना खतरनाक हो सकता है।

सवाल- BP की दवाओं के साथ सही डाइट और एक्सरसाइज क्यों जरूरी है?

जवाब- दवाएं ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करती हैं, लेकिन उसकी वजह को ठीक नहीं करती हैं। गलत डाइट, मोटापा, तनाव और सिडेंटरी लाइफस्टाइल BP की असली वजह होते हैं। हेल्दी डाइट और रेगुलर एक्सरसाइज से ये समस्याएं ठीक हो सकती हैं।

सवाल- क्या एक बार BP की दवा शुरू होने पर जिंदगी भर लेनी पड़ती है?

जवाब- हर मरीज के लिए यह जरूरी नहीं है। कुछ लोगों में BP अस्थायी कारणों, जैसे मोटापा, तनाव या खराब लाइफस्टाइल से बढ़ता है। अगर वे लाइफस्टाइल में बड़ा सुधार कर लें, तो डॉक्टर दवा कम या बंद भी कर सकते हैं। लेकिन जिनका BP लंबे समय से ज्यादा बना हुआ है या जिनकी वजह जेनेटिक है, उन्हें लंबे समय तक दवा लेनी पड़ सकती है। हालांकि, यह फैसला हमेशा डॉक्टर की सलाह के बाद ही करें।

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