पाली से जोधपुर रेफर किए गए मरीज की एंबुलेंस में तड़प-तड़प कर मौत हो गई;एंबुलेंस में ऑक्सीजन खत्म,हॉस्पिटल के बाहर परिजन धरने पर बैठे, पाली से जोधपुर किया था रेफर

पाली से जोधपुर रेफर किए गए मरीज की एंबुलेंस में तड़प-तड़प कर मौत हो गई। परिजन उसी एंबुलेंस में बॉडी को लेकर वापस बांगड़ हॉस्पिटल पहुंचे और मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठ गए। परिजनों का आरोप है कि ड्राइवर की गलती के कारण बेटे की जान चली गई।
बांगड़ हॉस्पिटल से रविवार को ऑक्सीजन सपोर्ट पर मरीज को 108 एंबुलेंस से जोधपुर रेफर किया गया। 20 किलोमीटर दूर जाते ही एंबुलेंस में रखे सिलेंडर से ऑक्सीजन सप्लाई बंद हो गई। ड्राइवर ने दूसरा सिलेंडर मंगवाया, लेकिन तब तक मरीज अपने भाई की गोद में तड़प-तड़पकर दम तोड़ चुका था।
हालांकि 108 एंबुलेंस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर का कहना है कि गाड़ी में ऑक्सीजन थी, लेकिन सिलेंडर की चूड़ी में किसी प्रकार की समस्या आने से सप्लाई प्रभावित हुई। जांच करवा रहे हैं। परिजनों की शिकायत पर सीएमएचओ ने भी ड्राइवर के खिलाफ उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
दरअसल, शहर के ट्रांसपोर्ट नगर नया गांव सांसी बस्ती निवासी सावन कुमार(20) पुत्र सज्जन कुमार को किडनी की समस्या होने पर 6 मई को पाली के बांगड़ हॉस्पिटल के ICU में भर्ती कराया गया था।

ड्राइवर बोला- दूसरा सिलेंडर मंगवा लिया है
मृतक के बड़े भाई देवाराम ने बताया कि सावन की हालत गंभीर होने पर उसे आज जोधपुर MDM हॉस्पिटल रेफर किया गया। हमनें फोन कर 108 एंबुलेंस बुलाई, जिसमें ऑक्सीजन सपोर्ट पर मरीज को लेकर जोधपुर रवाना हुए।
बीच रास्ते में भाई की तबीयत बिगड़ने लगी। देखा तो ऑक्सीजन सप्लाई बंद हो गई थी। एंबुलेंस ड्राइवर को बोला तो उसने कहा कि दूसरा सिलेंडर मंगवा लिया है, लेकिन ओम बन्ना धार्मिक स्थल (रोहट थाना क्षेत्र) के निकट पहुंचे ही थे कि भाई की सांसें थम गईं। उसने मेरी गोदी में ही दम तोड़ दिया।
हमने एंबुलेंस ड्राइवर को बताया कि भाई की मौत हो गई है। अब सिलेंडर बदलने से कोई मतलब नहीं। रोते हुए भाई की बॉडी वापस बांगड़ हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। देवाराम का आरोप है कि एंबुलेंस ड्राइवर की लापरवाही से उसके भाई की जान गई है।
मां बोलीं- ड्राइवर की लापरवाही ने बेटे की जान ले ली
मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर मृतक के परिजन बांगड़ हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठ गए। मृतक की मां लाली देवी का कहना है कि उनका बेटा हॉस्पिटल में सही होने आया था, लेकिन ड्राइवर की लापरवाही ने उसकी जान ले ली।
डायलिसिस करवाने भर्ती करवाया था मृतक के भाई देवाराम ने बताया- करीब 6 महीने पहले उसके भाई की दोनों किडनियों में समस्या हो गई। अब तक सिर्फ 10 बार उसका डायलिसिस हुआ था। सप्ताह में दो बार उसे डायलिसिस करवाने बांगड़ हॉस्पिटल लाते थे। चार दिन पहले 6 मई को तबीयत बिगड़ने पर उसे बांगड़ हॉस्पिटल में भर्ती करवाया था।
मैनेजर बोले- ऑक्सीजन थी, लेकिन सिलेंडर की चूड़ी में समस्या आई थी 108 एंबुलेंस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर मंथन शर्मा का कहना है- एंबुलेंस ड्राइवर का कॉल आया था कि सिलेंडर की चूड़ी में कुछ प्रॉब्लम है तो तुरंत रोहट से दूसरा ऑक्सीजन सिलेंडर भेज दिया था। सिलेंडर में ऑक्सीजन खत्म नहीं हुआ था। फिर भी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।
जांच के निर्देश, सहमति के बाद धरना खत्म टीपी नगर थाने के हेड कॉन्स्टेबल बलवंता राम ने बताया कि मृतक के परिजनों से समझाइश की गई। सहमति बनने पर परिजन बिना पोस्टमॉर्टम करवाए बॉडी लेकर जाने को तैयार हो गए। उन्होंने धरना खत्म कर दिया है। मृतक किडनी की समस्या से परेशान था। हालांकि सीएमएचओ के स्तर पर मामले में जांच के निर्देश दिए गए हैं।



