मध्य प्रदेश

जबलपुर के बरगी बांध डैम में 30 अप्रैल को हुए क्रूज हादसे को लेकर पायलट महेश पटेल का बड़ा बयान सामने आया;पायलट ने कहा-मैं भागा नहीं, बह गया:इंजन में थी खराबी, 7 महीने पहले ही मैनेजर को बताया; एक और याचिका दायर

जबलपुर के बरगी बांध डैम में 30 अप्रैल को हुए क्रूज हादसे को लेकर पायलट महेश पटेल का बड़ा बयान सामने आया है। उनका कहना है कि क्रूज के एक इंजन में खराबी थी। इसकी जानकारी मैंने 7 माह पहले अक्टूबर में ही मैनेजर को दे दी थी।

इसके बाद मुख्यालय को पत्र लिखकर सूचना भी दी गई, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। महेश पटेल ने कहा कि यह गलत है कि वह क्रूज से कूदकर भाग गए थे।

मैंने कई लोगों को बचाया, लेकिन इसी दौरान पानी की तेज लहर क्रूज के अंदर आ गई और मैं बह गया। मैंने सभी यात्रियों से लाइफ जैकेट पहनने को कहा था, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। बरगी बांध में मेरे अलावा भी कई लोग क्रूज चला रहे हैं।

दरअसल, हादसे के बाद पीड़ितों, मृतकों के परिजनों और क्रूज चालक के बयान दर्ज करने के लिए शुक्रवार को कलेक्ट्रेट बुलाया गया था, जहां महेश पटेल ने यह बड़ा खुलासा किया।

दूसरी ओर, क्रूज हादसे को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में शुक्रवार को एक और याचिका दायर की गई। बता दें, हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई। इनमें 4 बच्चे और 8 महिलाएं हैं।

लिखित में बताई थीं तकनीकी खामियां

महेश पटेल ने बताया कि अक्टूबर 2026 में बरगी स्थित मैकल रिसॉर्ट के मैनेजर ने लिखित रूप से क्रूज की तकनीकी खामियों की जानकारी दी थी। पत्र में बताया गया था कि संचालित क्रूज के दो इंजनों में से एक इंजन धीमी गति से काम कर रहा था और उसकी क्षमता कम हो चुकी थी। वहीं, दूसरा इंजन स्टार्ट होने के बाद कभी भी बंद हो जाता था। यह पत्र पर्यटन विभाग के माध्यम से भोपाल स्थित जल क्रीड़ा विभाग के महाप्रबंधक को भेजा गया था।

हादसे की यह एक तस्वीर सामने आई थी, तब क्रूज डूब रहा था और लोग लाइफ जैकेट तलाशते दिखे थे। वह कैबिन में सील पैक हालत में बंद मिली।

एक क्रूज के दोनों इंजन सीज

बरगी बांध में संचालित दो क्रूज में से एक लंबे समय से बंद पड़ा है और उसके दोनों इंजन भी खराब बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद संचालन व्यवस्था में कोई सुधार नहीं किया गया। जिला कलेक्टर सहित कई प्रशासनिक अधिकारी इस क्रूज में सफर कर चुके हैं, लेकिन तकनीकी खामियों की अनदेखी होती रही।

इधर, मामले में न्यायालय ने संज्ञान लेते हुए पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। बरगी थाना पुलिस को दो दिनों के भीतर कार्रवाई कर न्यायालय को अवगत कराने के लिए कहा गया है। संभावना जताई जा रही है कि क्रूज के कैप्टन पर एफआईआर दर्ज हो सकती है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि हादसे की जिम्मेदारी कब तय होगी और दोषियों पर कार्रवाई कब तक होगी।

एक और याचिका दायर

क्रूज हादसे को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में शुक्रवार को एक और याचिका दायर की गई। जबलपुर निवासी सामाजिक कार्यकर्ता पुष्पा तिवारी ने केंद्र सरकार, राज्य सरकार और पर्यटन विभाग को पक्षकार बनाते हुए एसआईटी जांच की मांग की है। याचिका में मांग की गई है कि आईजी रैंक के आईपीएस अधिकारियों की टीम बनाकर 60 दिनों में जांच पूरी कर रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की जाए। मामले में जल्द सुनवाई हो सकती है।

क्रूज तोड़े जाने की भी होगी जांच

बरगी से भाजपा विधायक और प्रदेश प्रवक्ता नीरज सिंह ने कहा कि यह बात सामने आ रही है कि जांच से पहले ही क्रूज को तोड़ दिया गया। इसकी भी जांच कराई जाएगी। यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर किन अधिकारियों के निर्देश पर और किस वजह से इतनी जल्दबाजी में क्रूज को तुड़वाया गया। उन्होंने कहा कि यदि इंजन में खराबी होगी तो जांच में इसका खुलासा हो जाएगा।

शिकायत करने वाले मैनेजर को ही सस्पेंड किया

महेश पटेल का आरोप है कि गंभीर चेतावनी के बावजूद विभाग ने मामले को नजरअंदाज कर दिया और फाइल दबा दी। इतना ही नहीं, शिकायत करने वाले मैनेजर सुनील मरावी को ही सस्पेंड कर दिया गया। उन्होंने कहा कि पत्र की जानकारी लीक नहीं करने के लिए भी दबाव बनाया गया। हालांकि, जब सुनील मरावी से बात करने की कोशिश की गई तो पहले उन्होंने बात करने से इनकार किया, बाद में कहा कि उन्होंने ऐसा कोई पत्र नहीं लिखा।

महेश पटेल ने बताया कि इंजन स्टार्ट तो हो जाता था और गियर भी लगते थे, लेकिन पिकअप कम था और स्पीड 12 से ऊपर नहीं जा रही थी। इसी वजह से उस इंजन का उपयोग नहीं किया जाता था और अधिकतर संचालन एक ही इंजन से किया जाता था।

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