लाइफ स्टाइल

हेल्थ इंड्रस्ट्री का नया ट्रेंड– मशरूम सप्लीमेंट:ये कितना फायदेमंद, क्या हैं साइड इफेक्ट, बता रहे हैं एक्सपर्ट

हेल्थ और फिटनेस की दुनिया में इन दिनों एक नया ट्रेंड पॉपुलर हो रहा है- ‘मशरूम सप्लीमेंट।’ सोशल मीडिया से लेकर जिम तक, हर जगह इसके फायदों की चर्चा हो रही है। कोई इसे इम्यूनिटी बूस्टर बता रहा है तो कोई ब्रेन फंक्शन और एनर्जी के लिए गेम-चेंजर।

सवाल ये है कि क्या ये सच में इतना असरदार है या सिर्फ एक ट्रेंड है? एक्सपर्ट्स इस बारे में क्या कह रहे हैं? ऐसे सभी सवालों के जवाब जानना जरूरी है, ताकि आप सेहत के लिए सही और सुरक्षित फैसला ले सकें।

  • ये खाने वाले मशरूम से कैसे अलग है?
  • इसके हेल्थ बेनिफिट्स क्या हैं?
  • इसके साइड इफेक्ट्स क्या हैं?
  • ये सारे फैक्ट साइंटिफिकली साबित हुए हैं या नहीं।

एक्सपर्ट: डॉ. अनु अग्रवाल, सीनियर क्लीनिकल डाइटीशियन, फाउंडर- ‘वनडाइटटुडे’

सवाल- मशरूम सप्लीमेंट क्या है?

जवाब- ये एक ऐसा न्यूट्रिशनल प्रोडक्ट है, जो मशरूम की मेडिसिनल प्रॉपर्टीज से बनाया जाता है। इसके कई प्रकार हैं-

  • रीशी (Reishi)- इम्यूनिटी बढ़ाने और तनाव कम करने के लिए।
  • लायन्स मेन (Lion’s Mane)- ब्रेन और याददाश्त के लिए।
  • कॉर्डिसेप्स (Cordyceps)- एनर्जी और स्टैमिना बढ़ाने के लिए।
  • चागा (Chaga)- एंटीऑक्सिडेंट्स के लिए।
  • शिटाके (Shiitake)- हार्ट हेल्थ और इम्यून सिस्टम के लिए।

    सवाल- ये खाने वाले मशरूम से कैसे अलग है?

    जवाब- मशरूम सप्लीमेंट और खाने वाले मशरूम (एडिबल मशरूम), दोनों एक ही सोर्स से आते हैं, लेकिन इनका उपयोग, प्रोसेसिंग और असर अलग होते हैं।

    1. उद्देश्य

    खाने वाले मशरूम: जैसे बटन मशरूम। इसकी सब्जी बनती है।

    मशरूम सप्लीमेंट: इम्यूनिटी, ब्रेन, एनर्जी जैसे हेल्थ बेनिफिट्स के लिए लिया जाता है।

    2. बनाने का तरीका

    खाने वाले मशरूम: सीधे उगाकर-पकाकर खाया जाता है।

    मशरूम सप्लीमेंट: मशरूम को सुखाकर, पीसकर या उसका एक्सट्रैक्ट निकालकर कैप्सूल/पाउडर में बदला जाता है।

    3. न्यूट्रिएंट्स

    खाने वाले मशरूम: सामान्य न्यूट्रिशन (प्रोटीन, फाइबर, विटामिन) देता है।

    मशरूम सप्लीमेंट: इसमें बीटा-ग्लूकन्स जैसे खास एक्टिव कंपाउंड्स होते हैं।

    4. असर

    खाने वाले मशरूम: धीरे-धीरे हेल्थ को सपोर्ट करता है।

    मशरूम सप्लीमेंट: याददाश्त, इम्यूनिटी, एनर्जी जैसे स्पेसिफिक गोल के लिए बनाया जाता है।

    सवाल- मशरूम सप्लीमेंट अभी ट्रेंड में क्यों है? भारत में इसका मार्केट कितना बड़ा है?

    जवाब- मशरूम एक ‘सुपरफूड’ है। इसलिए इससे बने सप्लीमेंट्स लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। इसके कई कारण हैं-

    • मशरूम सप्लीमेंट को कॉग्निटिव हेल्थ और स्ट्रेस कंट्रोल से जोड़ा जा रहा है।
    • केमिकल सप्लीमेंट्स की जगह लोग नेचुरल और आयुर्वेदिक विकल्प अपना रहे हैं।
    • मशरूम को ‘एडाप्टोजेन’ माना जाता है। यानी ये शरीर को परिस्थिति के मुताबिक ढलने के लिए तैयार करता है।
    • कोविड के बाद इम्यूनिटी पर फोकस बढ़ा है, जिससे फिटनेस फ्रीक लोगों के बीच मशरूम सप्लीमेंट्स तेजी से पॉपुलर हुए हैं।

    भारत में मशरूम सप्लीमेंट का मार्केट

    • मार्केट रिसर्च और कंसल्टिंग कंपनी ‘ग्रांड व्यू रिसर्च’ के मुताबिक, भारत में साल 2023 में मशरूम सप्लीमेंट्स का मार्केट लगभग 5,800 करोड़ रुपए था।
    • इसके साल 2030 तक बढ़कर 11,800 करोड़ रुपए होने की संभावना है। यह लगभग हर साल 10-11% ग्रोथ कर रहा है।

    सवाल- मशरूम सप्लीमेंट्स किस-किस फॉर्म में आते हैं?

    जवाब- मशरूम सप्लीमेंट्स कई फॉर्म में बाजार में उपलब्ध हैं-

    • कैप्सूल
    • टैबलेट
    • पाउडर
    • लिक्विड एक्सट्रैक्ट/टिंचर
    • मशरूम कॉफी/टी
    • गमीज
    • रेडी-टू-ड्रिंक/शॉट्स
    • प्रोटीन बार्स
    • चॉकलेट
    • स्नैक्स

    सवाल- मशरूम सप्लीमेंट्स दावा करते हैं कि ये इम्यूनिटी और ब्रेन के लिए अच्छे हैं। क्या ये दावे साइंटिफिकली प्रूवेन हैं?

    जवाब- आइए देखते हैं साइंस इस बारे में क्या कहता है-

    ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ में साल 2024 में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, कुछ मशरूम में बीटा-ग्लूकन नाम के कंपाउंड होते हैं। ये इम्यून सेल्स को एक्टिवेट कर सकते हैं। लैब और एनिमल स्टडीज में पॉजिटिव असर भी दिखा है।

    इंसानों पर रिसर्च-

    क्लिनिकल ट्रायल्स में पता चला है कि-

    • ‘रीशी’ मशरूम इम्यून रिस्पॉन्स को मॉड्यूलेट कर सकता है।
    • ‘शिटाके’ मशरूम इंफ्लेमेशन कम करने में मदद कर सकता है।

    स्टडी की लिमिटेशंस

    • स्टडीज का सैंपल साइज छोटा है।
    • लॉन्ग-टर्म इंपैक्ट स्पष्ट नहीं है।
    • सभी ब्रांड्स में एक्टिव कंपाउंड एक जैसे नहीं होते हैं।

    मशरूम सप्लीमेंट्स से इम्यूनिटी बूस्ट हो सकती है, लेकिन इसे स्ट्रॉन्गली प्रूवेन नहीं कहा जा सकता है।

    ब्रेन हेल्थ और मेमोरी का दावा कितना सच?

    • ‘लायन्स मेन’ में हेरिसेनोन्स, एरिनासिन्स कंपाउंड्स होते हैं।
    • ये नर्व ग्रोथ फैक्टर (NGF) को स्टिमुलेट कर सकते हैं।

    स्टडी क्या कहती है?

    इंसानों पर हुई कुछ स्टडीज में हल्का कॉग्निटिव इम्प्रूवमेंट देखा गया है।

    एनिमल स्टडीज में मेमोरी और न्यूरॉन ग्रोथ बेहतर हुआ।

    स्टडी की लिमिटेशन

    • स्टडीज बहुत लिमिटेड हैं।
    • अल्जाइमर्स या डिमेंशिया पर स्ट्रॉन्ग एविडेंस नहीं हैं।

    निष्कर्ष

    इसके रिजल्ट ब्रेन हेल्थ के लिए प्रॉमिसिंग हैं, लेकिन अभी क्लिनिकली प्रूवेन नहीं हैं।

    सवाल- अब तक की साइंस स्टडीज के मुताबिक मशरूम सप्लीमेंट्स के हेल्थ बेनिफिट्स क्या हैं?

सवाल- क्या मशरूम सप्लीमेंट्स का कोई साइड इफेक्ट भी है?

जवाब- मशरूम सप्लीमेंट्स आमतौर पर नेचुरल होते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इनके कोई साइड इफेक्ट नहीं होते। अब तक की स्टडीज में कुछ संभावित साइड इफेक्ट्स देखे गए हैं-

सवाल- क्या ये सप्लीमेंट अन्य दवाओं के साथ रिएक्ट करते हैं?

जवाब- हां, मशरूम सप्लीमेंट्स कुछ दवाओं के साथ रिएक्ट कर सकते हैं। यह हर व्यक्ति में नहीं होता, लेकिन साइंस और क्लिनिकल रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ कॉम्बिनेशन में सावधानी जरूरी है। जैसेकि-

  • ब्लड थिनर दवाओं के साथ।
  • डायबिटीज की दवाओं के साथ।
  • ब्लड प्रेशर की दवाओं के साथ।
  • इम्यूनोसप्रेसेंट दवाओं के साथ।
  • सेडेटिव और स्लीप मेडिसिन के साथ।
  • कीमोथेरेपी या कैंसर ड्रग के साथ।

सवाल- क्या मशरूम सप्लीमेंट्स FDA और FSSAI से रेगुलेटेड हैं?

जवाब- हां, मशरूम सप्लीमेंट्स FDA (फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) और FSSAI (फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) दोनों के तहत कुछ हद तक रेगुलेटेड हैं। लेकिन ये फूड सप्लीमेंट्स हैं, इसलिए पूरी तरह टेस्टेड और अप्रूव्ड नहीं होते हैं। इसे खरीदते समय खुद स्मार्ट रहना जरूरी है।

सवाल- असली मशरूम खाना ज्यादा फायदेमंद है या उसका सप्लीमेंट लेना?

जवाब- खाने वाले मशरूम ज्यादा बेहतर और सुरक्षित विकल्प हैं, लेकिन कुछ खास स्थितियों में सप्लीमेंट भी काम आ सकते हैं। जैसेकि–

  • मेमोरी, स्टैमिना के स्पेसिफिक गोल हो।
  • डॉक्टर रेकमेंड करे।
  • डाइट से पर्याप्त पोषण न मिल रहा हो।

सवाल- अगर खाने वाला मशरूम उपलब्ध न हो तो उसका दूसरा हेल्दी विकल्प क्या है?

जवाब- अगर खाने वाला मशरूम उपलब्ध नहीं है तो इसके न्यूट्रिएंट्स दूसरे फूड्स में भी आसानी से मिल सकते हैं।

सवाल- क्या ये सप्लीमेंट लेने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए?

जवाब- हां, मशरूम सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर से कंसल्ट करना बेहतर है।

मशरूम सप्लीमेंट्स में मौजूद बायोएक्टिव कंपाउंड्स इम्यूनिटी और ब्रेन हेल्थ को सपोर्ट करते हैं। लेकिन इनके फायदे अभी सीमित साइंटिफिक सबूतों पर आधारित हैं। इसलिए संतुलित डाइट को प्राथमिकता दें। सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button