कारोबार

इंफोसिस का मुनाफा चौथी तिमाही में 21% बढ़ा:यह ₹8,501 करोड़ रहा, रेवेन्यू 13% बढ़ा; निवेशकों को 25 रुपए डिविडेंड देगी कंपनी

आईटी कंपनी इंफोसिस ने 23 अप्रैल को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी का कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 21% बढ़कर ₹8,501 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में ₹7,033 करोड़ का मुनाफा हुआ था।

ऑपरेशन्स से होने वाला रेवेन्यू करीब 13.38% बढ़ा। यह ₹46,402 करोड़ पर पहुंच गया है, जो पिछले साल ₹40,925 करोड़ था। वस्तुओं और सेवाओं को बेचने से मिलने वाला पैसा रेवेन्यू होता है। अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए इंफोसिस ने FY27 के लिए अपने रेवेन्यू गाइडेंस के अनुमान को 1.5%-3.5% किया है।

निवेशकों को 25 रुपए डिविडेंड देगी कंपनी

इसके अलावा कंपनी ने अपने निवेशकों को 25 रुपए का डिविडेंड देना का भी ऐलान किया है। कंपनियां अपने मुनाफे का कुछ हिस्सा अपने शेयरधारकों के देती हैं, इसे डिविडेंड या लाभांश कहा जाता है।

मार्च तिमाही में 8,440 कर्मचारियों ने नौकरी छोड़ी

आईटी सेक्टर के लिए सबसे बड़ी चिंता ‘एट्रीशन रेट’ (नौकरी छोड़ने की दर) होती है। कंपनी का एट्रीशन रेट पिछले साल के 14.1% से गिरकर अब 12.6% पर आ गया है। तिमाही दर तिमाही आधार पर देखें तो इसमें 0.3% की बढ़ोतरी हुई है। यानी पिछली तिमाही के मुकाबले इस तिमाही में 8,440 लोगों ने नौकरी छोड़ी है।

मार्च तिमाही (Q4FY26) के मुताबिक, कंपनी में अभी 3,28,594 कर्मचारी हैं। पिछली तिमाही (Q3FY26) में यह आंकड़ा 3,37,034 था। पिछले साल की समान तिमाही (Q4FY25) में कंपनी में 3,23,578 कर्मचारी थे।

एक साल में 16% गिरा इंफोसिस का शेयर

रिजल्ट आने से पहले आज इंफोसिस का शेयर करीब 3% गिरकर ₹1,231.80 पर बंद हुआ। पिछले एक महीने में कंपनी का शेयर 2% गिरा है। जबकि 6 महीने में ये 20% और इस साल यानी 1 जनवरी से अब तक 25% गिरा है। वहीं एक साल में 16% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 5.15 लाख करोड़ रुपए है।

क्या होता है रेवेन्यू गाइडेंस?

आईटी कंपनियां हर तिमाही में यह अनुमान लगाती हैं कि पूरे साल में उनकी कमाई कितनी बढ़ सकती है। इसे ‘गाइडेंस’ कहते हैं। इंफोसिस ने इसे बढ़ाकर 3.5% किया है, जिसका मतलब है कि आने वाले महीनों में कंपनी को नए ऑर्डर्स मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

कॉन्सोलिडेटेड यानी पूरी कंपनी की रिपोर्ट

कंपनियों के रिजल्ट दो भागों में आते हैं- स्टैंडअलोन और कॉन्सोलिडेटेड। स्टैंडअलोन में केवल एक यूनिट का वित्तीय प्रदर्शन दिखाया जाता है। जबकि, कॉन्सोलिडेटेड या समेकित फाइनेंशियल रिपोर्ट में पूरी कंपनी की रिपोर्ट दी जाती है।

नारायण मूर्ति ने 1981 में की थी कंपनी की शुरुआत

1981 में स्थापित, इंफोसिस एक NYSE लिस्टेड ग्लोबल कंसलटिंग और आईटी सर्विसेज कंपनी है। 250 डॉलर (आज के हिसाब से करीब 23,000 रुपए) की पूंजी से नारायण मूर्ति ने कंपनी की शुरुआत हुई थी। कंपनी के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर सलील पारेख हैं। डी सुंदरम कंपनी के लीड इंडिपेंडेंट डायरेक्टर हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button