महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान का 131वां संशोधन बिल सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई:पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298; मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार ना

महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान का 131वां संशोधन बिल सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई। इसमें संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था।
लोकसभा में बिल पर 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई। उपस्थित 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े।
बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। 528 का दो तिहाई 352 होता है। इस तरह बिल 54 वोट से गिर गया।
सरकार ने दो बिल वोटिंग के लिए पेश ही नहीं किए
पहला- परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026
दूसरा- केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026
सरकार ने इन पर वोटिंग कराने से इनकार कर दिया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि दोनों बिल पहले से जुड़े हुए हैं, इसलिए वोटिंग की जरूरत नहीं है।
12 साल के शासन में यह पहला मौका था, जब मोदी सरकार सदन में कोई बिल पास नहीं करा पाई। इससे पहले अमित शाह ने लोकसभा में एक घंटे की स्पीच में कहा था कि अगर ये बिल पास नहीं होते हैं तो जिम्मेदारी विपक्ष की होगी।
NDA के पास केवल 293 सांसद, चाहिए 352 थे
बिल पर 528 सांसदों ने वोट किया। इसका दो तिहाई 352 होता है, लेकिन बिल के समर्थन में 298 वोट ही मिले। NDA के पास 293 सांसद हैं। भाजपा सिर्फ 5 अन्य सांसदों को कन्वेंस कर पाई। बाकी विपक्ष को विश्वास में लेने में सफल नहीं हुई, इसलिए बिल पास नहीं करा पाई।



