मध्य प्रदेश

एमबी बोर्ड की हायर सेकेंडरी परीक्षा 2026 का रिजल्ट घोषित कर दिया गया:एमपी बोर्ड 12वीं का रिजल्ट- 76% स्टूडेंट्स पास:भोपाल की खुशी राय और चांदनी टॉपर; 16 साल में सबसे बेहतर परिणाम

एमबी बोर्ड की हायर सेकेंडरी परीक्षा 2026 का रिजल्ट घोषित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार (15 अप्रैल) को सीएम हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम में परिणाम जारी किया। इस बार का रिजल्ट पिछले 16 सालों में सबसे बेहतर रहा है।

छात्राओं ने एक बार फिर बेहतर प्रदर्शन कर बाजी मारी है। भोपाल की खुशी राय और चांदनी विश्वकर्मा ने मेरिट में पहला स्थान हासिल किया है। दोनों ने 500 में से 494 अंक हासिल किए हैं। खुशी शिवाजी नगर स्थित सुभाष एक्सीलेंस स्कूल और चांदनी गुरुदेव शिक्षा केन्द्र नीलबड़, भोपाल की छात्रा हैं।

नई शिक्षा नीति के तहत अब 7 मई 2026 से द्वितीय अवसर परीक्षा आयोजित की जाएगी, और विद्यार्थियों के लिए हेल्पलाइन नंबर 18002330175 भी जारी किया गया है।

तन्वी ने बायो में प्रथम स्थान हासिल किया है, वे डॉक्टर बनना चाहती है।

सांदीपनि विद्यालय नरसिंहपुर की छात्रा माही साहू ने भी मेरिट में जगह बनाई है।

ड्रोन एकेडमी की छात्रा श्रुति तोमर ने कला संकाय में प्रथम स्थान हासिल किया है।

10 फरवरी से 7 मार्च तक हुई थी परीक्षा

एमपी बोर्ड की हायर सेकेंडरी परीक्षा 10 फरवरी से 7 मार्च 2026 के बीच आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में कुल 6,89,746 परीक्षार्थी शामिल हुए, जिनमें 6,13,634 नियमित और 76,112 स्वाध्यायी परीक्षार्थी थे।

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सरकारी स्कूलों ने किया बेहतर प्रदर्शन

सरकारी स्कूलों का रिजल्ट 80.43% रहा। यह प्राइवेट स्कूलों के 69.67% से काफी ज्यादा है। इससे सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन मजबूत होता दिख रहा है।

रीवा-सीधी पड़ोसी जिले, लेकिन नतीजों में बड़ा फर्क

एमपी बोर्ड 12वीं के रिजल्ट में इस बार चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। रीवा और सीधी जैसे पड़ोसी जिलों के प्रदर्शन में बड़ा अंतर देखने को मिला। जहां सीधी टॉप-5 जिलों में शामिल है, वहीं रीवा बॉटम-5 में पहुंच गया है।

बड़े शहरों का प्रदर्शन भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। जबलपुर 33वें, इंदौर 43वें और भोपाल 45वें स्थान पर रहा। यह स्थिति इसलिए भी निराशाजनक है क्योंकि इन जिलों में स्कूल शिक्षा विभाग के हाईटेक और संसाधनयुक्त संस्थान, जैसे संदिपनी स्कूल, मौजूद हैं।

बेहतर सुविधाओं और संसाधनों के बावजूद इन जिलों का रिज

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