उत्तर प्रदेश

नोएडा में फैक्ट्री कर्मचारियों ने हिंसक प्रदर्शन किया, 350 फैक्ट्रियों में तोड़फोड़:शोरूम के बाहर कारें फूंकी, 150 गाड़ियां तोड़ीं; योगी ने हाईलेवल कमेटी बनाई

नोएडा में सोमवार को फैक्ट्री कर्मचारियों ने हिंसक प्रदर्शन किया। 9 अप्रैल से सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे 42 हजार कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। कर्मचारियों ने अलग-अलग इलाकों में फैक्ट्रियों में पथराव, तोड़फोड़ की।

कर्मचारियों ने कई गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए और करीब 50 से ज्यादा फूंक दीं। पुलिस की गाड़ियां भी पलट दी। हालात बिगड़े तो कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। कर्मचारियों ने उन पर पथराव कर दिया। फिर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। कर्मचारियों का कहना था कि जब तक मांगें नहीं मानी जातीं, वो रुकेंगे नहीं।

पुलिस ने करीब 200 कर्मचारियों को हिरासत में लिया है। 60 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। खास बात है कि इस प्रदर्शन का कोई चेहरा या लीडर नहीं था। 18 से 30 साल के युवा हिंसक प्रदर्शन कर रहे थे।

नोएडा आंत्रप्रेन्योर एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन मल्हन के मुताबिक करीब 350 से ज्यादा इंडस्ट्री में तोड़फोड़ और 150 वाहन तोड़े गए हैं।

उधर, योगी सरकार ने जांच के लिए हाईलेवल कमेटी बनाई है। सीएम ने कहा, औद्योगिक अशांति पैदा करने वाले लोगों से सावधान रहें। हमारी सरकार श्रमिकों के साथ है।
नोएडा में प्रदर्शनकारियों ने एक कार शोरूम में आग लगा दी।

कहां और कैसे भड़की हिंसा- आगजनी? सबसे पहले फेज-2 इलाके में हालात खराब हुए। सुनवाई न होने से कर्मचारी उग्र हो गए। पथराव कर दिया। फेज-2 के बाद धीरे-धीरे प्रदर्शन नोएडा के करीब 10 इंडस्ट्रियल इलाकों और आसपास के जिलों में फैल गया।

कर्मचारियों ने नोएडा सेक्टर-57 में 30 से ज्यादा फैक्ट्रियों और दफ्तरों में तोड़फोड़ की। सेक्टर- 40 और 60 में कंपनियों का घेराव किया। सेक्टर 85 में डिक्सन कंपनी का गेट तोड़ दिया। सेक्टर 1, 15, 62 और DND फ्लाइओवर के पास सड़क जाम कर दी।

हालात को काबू करने के लिए कुछ इलाकों में RAF और PAC उतार दी गई है। DGP राजीव कृष्ण और ADG (लॉ एंड ऑर्डर) अमिताभ यश कंट्रोल रूम से स्थिति पर नजर रखते हुए हैं। डीजीपी ने कहा है कि अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करेंगे।

गौतमबुद्धनगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा,

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नोएडा में लगभग 83 स्थानों पर करीब 42 हजार श्रमिक अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे। इनमें से केवल दो स्थानों पर प्रदर्शन के दौरान स्थिति हिंसक हुई, जहां हालात को नियंत्रित करने के लिए न्यूनतम बल का प्रयोग किया गया और मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।

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नोएडा में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों ने फ्लैग मार्च किया।
गुस्साए कर्मचारियों ने पुलिस की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की। उसे पलट दिया।

अब जानिए कर्मचारियों की मांगें क्या हैं? पुलिस के मुताबिक, नोएडा का फेज-2 इलाका इंडस्ट्रियल एरिया है। यहां मदरसन, ऋचा ग्लोबल, रेनबो, पैरामाउंट, एसएनडी और अनुभव कंपनियों के 1000 से ज्यादा कर्मचारी सैलरी बढ़ाने को लेकर पिछले 3 दिन से प्रदर्शन कर रहे थे। करीब 500 कर्मचारी मदरसन कंपनी के बाहर जुटे थे। सबसे पहले यहीं हिंसा हुई।

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