काले झंडे दिखाने जा रहे करणी सैनिकों को पुलिस ने रोका, डॉ. मोहन यादव का पुतला जलाया

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को कटनी में विजयराघवगढ़ विधानसभा के बरही के दौरे पर रहे। मुख्यमंत्री ने यहां किसान सम्मेलन में ₹243.22 करोड़ की लागत वाले 97 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें ₹180.37 करोड़ के 62 कार्यों का लोकार्पण और ₹62.85 करोड़ के 35 विकास कार्यों का शिलान्यास शामिल है।
परियोजनाओं में मुख्य रूप से बिजली उपकेंद्र, सड़कें, स्कूल भवन, स्वास्थ्य केंद्र, पुल और ‘जल जीवन मिशन’ की योजनाएं शामिल हैं। साथ ही, मुख्यमंत्री ने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत बरही के बड़ा तालाब के सौंदर्यीकरण कार्य का भी शुभारंभ किया।
इस मौके पर सीएम ने कहा, कांग्रेस ने 55 वर्षों तक शासन किया, लेकिन किसानों के हित में ठोस कदम नहीं उठाए। इसके विपरीत, हमारी सरकार महिलाओं, युवाओं और किसानों के कल्याण के लिए निरंतर समर्पित है।
इससे पहले, दोपहर में करणी सेना और गोविंद सरकार मंडल ने अपनी-अपनी मांग को लेकर विरोध जताया। करणी सैनिकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

मंदिर निर्माण को लेकर पुतला दहन
गोल बाजार में ‘गोविंद सरकार मंडल’ ने मंदिर निर्माण की मांग को लेकर मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। आरोप है कि प्रशासन ने छह माह पहले रावण दहन के दौरान गोल बाजार स्थित रामलीला मैदान के प्राचीन राम मंदिर को हटवा दिया था। मंडल के सदस्यों ने कहा कि पिछले 6 महीनों से मंदिर के पुनर्निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन न तो भाजपा का कोई पदाधिकारी और न ही बजरंग दल के सदस्य सहयोग कर रहे हैं। प्रशासन से कई बार गुहार लगाने के बाद भी जब मांग अनसुनी कर दी गई, तो मजबूरन पुतला दहन का रास्ता चुनना पड़ा। संगठन ने चेतावनी दी है कि जल्द ही मंदिर का निर्माण नहीं कराया गया, तो आंदोलन और उग्र होगा।

काले झंडे दिखाने जा रहे करणी सैनिकों को पुलिस ने रोका करणी सेना की टीम यूजीसी (UGC) के नियमों के विरोध में मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने के लिए ग्राम बिलगवां से बरही तहसील की ओर कूच कर रही थी। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए उन्हें रास्ते में ही रोक लिया।
इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प भी हुई। करणी सेना के सदस्यों ने पुलिस द्वारा झंडे छीने जाने पर जमकर नारेबाजी की। प्रशासन ने करणी सेना के पदाधिकारियों को हाउस अरेस्ट (नजरबंद) कर लिया।
तीसरी बार टला मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन कटनी में मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन तीसरी बार टल गया। इसका मुख्य कारण ‘पीपीपी मॉडल और उससे जुड़ी निर्माण एजेंसी को माना जा रहा है। कॉलेज का जिम्मा ‘स्वामी विवेकानंद फाउंडेशन’ को दिया गया है। आरोप है कि संस्था की सहयोगी संस्था ‘आरकेडीएफ’ भोपाल में फर्जी मार्कशीट मामले में जांच के घेरे में है।
युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव दिव्यांशु मिश्रा ‘अंशु’ ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी है। तर्क है कि विवादित संस्था को कॉलेज सौंपना शिक्षा के व्यवसायीकरण को बढ़ावा देना है। विपक्ष की मांग है कि अनुबंध निरस्त कर शासकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाए।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रविंद्र सिंह ने कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर स्थानीय भाजपा विधायक संजय पाठक को भी घेरा है।


