ओरछा में बन रहे रामराजा लोक के निर्माण में बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ

ओरछा में बन रहे रामराजा लोक के निर्माण में बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है। इन्वेस्टिगेशन में सामने आया है कि रामराजा लोक को बनाने में जिस पत्थर का इस्तेमाल हो रहा है वो बाजार में मात्र 52 रुपए वर्गफीट में उपलब्ध है, लेकिन उसे 335 रुपए वर्गफीट की दर से खरीदा गया है, यानी पांच गुना से भी ज्यादा कीमत पर।
ये घोटाला यहीं पर नहीं रुकता, जिस खदान से यह पत्थर सप्लाई हो रहा है, वह पूरी तरह से अवैध है। बता दें कि मप्र पर्यटन विकास निगम ओरछा में 32 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में रामराजा लोक का निर्माण कर रहा है। इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत करीब 332 करोड़ रुपए है। इसमें करीब 35 करोड़ रुपए का सैंड स्टोन लगाया जा रहा है।
पहले चरण का काम ढाई साल से चल रहा है। अब तक इसमें 10 करोड़ का सैंड स्टोन लग चुका है। भास्कर की पड़ताल में खुलासा हुआ कि बाजार में जिस रेट से सैंड स्टोन मिल रहा है, उस हिसाब से तो पहले चरण में केवल 2 करोड़ रुपए का ही पत्थर लगना था और पूरे प्रोजेक्ट के लिए करीब 7 करोड़ का ही स्टोन लगाया जाना था।
आखिर अफसरों ने इस घोटाले को कैसे अंजाम दिया? ये समझने के लिए दैनिक भास्कर की टीम ने 10 दिन तक ओरछा, दतिया से लेकर गंजबासौदा की खदानों तक की खाक छानी।
पीडब्ल्यूडी के शेड्यूल ऑफ रेट का इस्तेमाल नहीं
रामराजा लोक के निर्माण की घोषणा के साथ ही यह तय हो गया था कि इसे पत्थरों से बनाया जाएगा, ताकि यह सदियों तक अपनी भव्यता बनाए रखे। बुंदेलखंड क्षेत्र पत्थरों की खदानों के लिए प्रसिद्ध है, इसलिए गंजबासौदा का सैंड स्टोन, दतिया और सागर का पत्थर इस्तेमाल करने की योजना बनी।
सूत्रों ने बताया कि निर्माण कार्य के लिए किसी भी सामग्री की दर लोक निर्माण विभाग (PWD) से जारी ‘शेड्यूल ऑफ रेट’ (SOR) से तय होती है, लेकिन टूरिज्म डिपार्टमेंट के अफसरों ने एक नई तरकीब निकाली। उन्होंने दावा किया कि रामराजा लोक में जिस विशेष प्रकार के नक्काशीदार और मोटाई वाले पत्थर का काम होना है, उसका उल्लेख PWD के SOR में है ही नहीं।
एमपी टूरिज्म बोर्ड (MPT) के अधिकारियों ने एक कमेटी बनाई और बासौदा स्टोन, दतिया और ग्वालियर मिंट स्टोन से जुड़े कामों के लिए एक नया SOR तैयार कर दिया। इस नए SOR में पत्थर लगाने की कीमत 3611 रुपए प्रति वर्गमीटर, यानी 335 रुपए प्रति वर्गफीट तय की गई।


