मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में लगातार तीसरे दिन तीव्र लू का असर देखा गया;MP में तेज गर्मी…हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ा

मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में लगातार तीसरे दिन तीव्र लू का असर देखा गया। शनिवार को यहां दिन का पारा 40.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो सामान्य से 6.9 डिग्री अधिक है। वहीं, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर-उज्जैन से भी गर्म जबलपुर रहा। यहां अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
नर्मदापुरम में पिछले 2 दिन से लू चली। तीसरे दिन भी हीट वेव का असर जारी रहा। हालांकि, रविवार से लू से राहत मिल सकी है। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को नर्मदापुरम के बाद खरगोन सबसे गर्म रहा। यहां पारा 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मंडला, रतलाम, दमोह, खंडवा, खजुराहो, रायसेन, शाजापुर, गुना, नरसिंहपुर, सतना, सिवनी, बैतूल, छिंदवाड़ा, टीकमगढ़, उमरिया, सागर और धार में तापमान 37 डिग्री या इससे ज्यादा दर्ज किया गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में पारा 37.2 डिग्री, इंदौर में 36.6 डिग्री, ग्वालियर में 34.1 डिग्री, उज्जैन में 36.5 डिग्री और जबलपुर में 37.7 डिग्री रहा।
तेज गर्मी की वजह से हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। इसलिए मौसम विभाग ने अपनी एडवायजरी में इसे लेकर खासतौर पर सलाह दी है। कहा है कि लोग दोपहर में जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकले। ठंडे पानी का सेवन करें। घर का तापमान कम रखने के लिए ओवन का उपयोग कम ही करें।
बता दें कि मार्च के दूसरे हफ्ते में ही प्रदेश में तेज गर्मी पड़ रही है। पिछले 2 दिन से पारा 40 डिग्री के पार ही है। ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम और सागर संभाग में गर्मी का असर ज्यादा है।

कल से बदलेगा मौसम मौसम विभाग ने 14 मार्च को एक्टिव होने वाले वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से तीन दिन तक अलर्ट जारी किया है। 15 मार्च से प्रदेश में असर दिखाई देगा। जिन जिलों में बारिश होगी, वहां अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान में थोड़ी गिरावट रहेगी, लेकिन बाकी शहरों में पारा चढ़ा हुआ रहेगा।
मार्च में ही भोपाल जलाभावग्रस्त घोषित, ट्यूबवेल खनन पर रोक
मार्च महीने में ही भोपाल जिला जल आभावग्रस्त घोषित हो गया है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने शुक्रवार को यह आदेश जारी किए। इसके साथ ही प्राइवेट ट्यूबवेल खनन पर भी रोक लगा दी गई है। सरकारी ट्यूबवेल खनन हो सकेंग और पीएचई अपनी नल-जल योजनाओं को सुचारू चला सकेगा।
कलेक्टर के आदेश में कहा गया है कि यदि किसी ने बिना अनुमति ट्यूबवेल खनन किया तो 2 साल तक की सजा हो सकेगी। वहीं, बोरवेल मशीनें भी जिले से नहीं गुजर पाएंगी। तेज गर्मी की वजह से यह आदेश लागू किया गया है। इस साल करीब 25 दिन पहले ही रोक लगाई गई है। पिछले साल 7 अप्रैल को आदेश लागू किया था।
इस वजह से गर्मी का असर तेज
मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में हवा की दिशा उत्तर-पूर्व से अब पश्चिम और उत्तर-पश्चिम है। वहीं, हवा में नमी बहुत कम है। साथ ही रेगिस्तानी इलाकों से मप्र पहुंचती है। यह अपने साथ गर्मी भी लाती है।
3 दिन बारिश, गरज-चमक वाला मौसम
- 15 मार्च- ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर।
- 16 मार्च- रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा।
- 17 मार्च- अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट।
मार्च में सर्दी-जुकाम, एलर्जी का खतरा डॉक्टरों की मानें तो मार्च का यही मौसम सबसे ज्यादा बीमारियां फैलाता है। दरअसल, इस महीने दिन में तो गर्मी बढ़ जाती है, लेकिन रात और सुबह हल्की ठंड रहती है। कई बार लोग दिन की गर्मी से बचने के लिए हल्के कपड़े पहन लेते हैं। वहीं, कोल्ड्रिंक्स समेत शीतल पेय पदार्थों का भी सेवन करते हैं। इससे सर्दी-जुकाम एलर्जी और अस्थमा के मरीज बढ़ते हैं। सुबह और देर रात ठंडी हवा से बचना जरूरी है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को।
इस बार पहले ही सप्ताह से गर्मी का दौर प्रदेश में मार्च के दूसरे पखवाड़े में तेज गर्मी का ट्रेंड है। पिछले 10 साल में 15 मार्च के बाद ही तेज गर्मी पड़ी है, लेकिन इस बार ट्रेंड बदल गया है। दूसरे पखवाड़े की बजाय शुरुआत में ही पारे में उछाल आया है।


