गले में नरमुंडों की माला, सिर से निकलते आग के गोले :शिव बारात में ‘भूत-पिचाश’ बने कलाकारों के हैरतअंगेज कारनामे

गले में नरमुंडों की माला, सिर से निकलते आग के गोले और पूरे शरीर पर चिता की राख। यह नजारा गोरखपुर की शिव बारात का था। यहां ‘भूत-पिशाच’ बने कलाकारों ने हैरतअंगेज करतब दिखाए। ऐसा ही दृश्य काशी में भी देखने को मिला। शिव बारात में करीब 20 हजार लोग शामिल हुए। दूल्हा बने भगवान शिव बारात लेकर निकले तो चारों तरफ हर-हर महादेव के नारे गूंज उठे।
300 कलाकार देवी-देवता और बराती बने। कोई घोड़े-ऊंट पर सवार था, तो कोई मदारी और भूत-पिशाच के रूप में दिखा। मां काली बनी कलाकार ने रौद्र रूप दिखाया। नागा संन्यासी चिलम फूंकते नजर आए और भालू बने कलाकार ने जमकर नृत्य किया। एक बच्चा शिव रूप में नजर आया। हाथ में त्रिशूल और गले में रुद्राक्ष की माला। शिव बारात तिलभांडेश्वर मंदिर से शुरू होकर करीब 5 किमी दूर डेवड़ियाबीर तक गई।
महाशिवरात्रि पर काशी में 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे। काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा का दूल्हे जैसा श्रृंगार किया गया। मोरपंख और रुद्राक्ष की माला पहनाई गई। कपाट खुलते ही दर्शन शुरू हुए। अब तक 5 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। दर्शन के लिए सिर्फ 2 सेकेंड का समय मिल रहा है।
अमेरिका समेत 10 देशों से श्रद्धालु पहुंचे। रूस की मारियाना बोलीं, “हम शिव को समझने आए हैं।” मंदिर परिसर में ATS कमांडो तैनात हैं और ड्रोन से निगरानी हो रही।
उधर, प्रयागराज में माघ मेले का महाशिवरात्रि पर आखिरी स्नान जारी है। सुबह से घाटों पर भारी भीड़ रही। अब तक 30 लाख श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में रुद्राभिषेक किया।
लखनऊ-गोरखपुर समेत पूरे प्रदेश के शिवालयों में भक्त उमड़े। अलीगढ़ में 6 साल की
कांवड़ लेकर 50 किमी दूर खेरेश्वर मंदिर पहुंची और जलाभिषेक किया। वणिका ने कहा,“बाबा, मेरे पापा की दारू छुड़ा दो।”


