टोंक में एक साथ उठा 3-भाइयों और भतीजे का जनाजा:जिद करके भाई के बेटे को साथ ले गए थे; क्रेटा पर डंपर पलटने से हुई थी मौत

टोंक शहर में शुक्रवार को 3 सगे भाइयों और उनके भतीजे का एक साथ जनाजा निकला तो मोहल्ले में सभी की आंखें नम हो गई। मृतकों के घरों में चीख-पुकार मची थी, वहीं मोहल्ले के लोग उन्हें सांत्वना देते-देते रो रहे थे।
परिजन सुबह करीब 10 बजे 4 मृतकों के जनाजे को मोतीबाग स्थित कब्रिस्तान के लिए रवाना हुए तो सैकड़ों लोगों की भीड़ साथ चल पड़ी। रास्ते में जामा मस्जिद में जनाजे की नमाज अदा की। बाद में लोगों को मुंह दिखाई की रस्म अदा की गई। फिर तीन भाइयों और भतीजे को कब्रिस्तान में सुपुर्द- ए – खाक(दफनाने की रस्म) किया गया। इस दौरान लोगों ने मिट्टी देने की रस्म भी अदा की।

शवों के घर पहुंचते ही कोहराम मचा टोंक में बड़ा कुआं क्षेत्र में राज टॉकीज रोड स्थित विवेकानंद स्कूल के पीछे रहने वाले एक ही परिवार के 5 लोग गुरुवार शाम क्रेटा कार से कोटा में रिश्तेदार के पोते के जन्मदिन की पार्टी में जा रहे थे। परिजनों के अनुसार- तीनों सगे भाइयों की मौसी के पोते का जन्मदिन था।
बूंदी में जयपुर- कोटा नेशनल हाईवे 52 स्थित सिलोर पुलिया पर गुरुवार की शाम करीब 5:30 बजे उनकी क्रेटा कार पर बजरी से भरा डंपर पलट गया। इससे एक भाई ने तो खिड़की से कूदकर अपनी जान बचाई। जबकि 3 सगे भाई और उनके एक भतीजे की डंपर के नीचे दबने से कार में ही मौत हो गई।
बीती रात करीब 9 बजे जैसे ही तीनों भाई और भतीजे का शव घर आया तो चीख-पुकार मच गई। रात भर मृतकों के रिश्तेदार और परिचित लोग मृतक के परिजनों को सांत्वना देते रहे।

जनवरी में बेटी की शादी की प्लानिंग, अब मातम पसरा मृतक तीनों भाई फरीउद्दीन (45) पुत्र समीउद्दीन, अजीरूद्दीन (40) पुत्र समीउद्दीन, मोइनुद्दीन (62) पुत्र समीउद्दीन शादीशुदा थे। इनका भतीजा सेफुद्दीन (28) पुत्र वसीउद्दीन अविवाहित था। इनमें सेफुद्दीन का पिता वसीउद्दीन इस सड़क हादसे में कार की खिड़की खुलने से बच गया। उसके उंगली में मामूली चोट आई थी।
मोइनुद्दीन के दो बेटे और 2 बेटियां है। इनमें एक बेटा और एक बेटी की शादी हो चुकी है। जबकि जनवरी में दूसरी बेटी की शादी करने की प्लानिंग थी और इसके लिए तैयारी की जा रही थी। लेकिन दिसंबर में ही पिता की मौत हो जाने के बाद परिवार में मातम छा गया।
शुक्रवार की सुबह पूरे मोहल्ले वासी मृतकों के घर पहुंचे और परिजनों को संभाला। इसके बाद जनाजा निकाला गया।

भतीजे को जिद करके लेकर गए थे मृतक भाइयों के बहनोई विकार ने बताया- तीनों सगे भाइयों का भतीजा सैफुद्दीन घर पर ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। वह बाहर सामाजिक कार्यक्रमों और बाजार में भी कम ही जाता था। ज्यादातर घर पर ही रहता था और पढ़ाई करता रहता था। घरवाले उसे कहते रहते थे कि रिश्तेदारी में जाना चाहिए।
गुरुवार को भी परिजन सैफुद्दीन को बड़ी मुश्किल से जिद करके लेकर गए थे। उसे कहा था कि रात में ही जन्मदिन मनाकर आ जाएंगे। लेकिन रात को हादसे में उसकी मौत हो गई।
बहनोई ने बताया- फरीउद्दीन प्रोपर्टी का काम करता था। अजीमुद्दीन टोंक शहर की राजकीय महात्मा गांधी स्कूल में शिक्षक थे। मोइनुद्दीन गलीचे (कारपेट) बनाने का काम करते थे। जबकि भतीजा सैफुद्दीन घरेलू काम में हाथ बंटाता था और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रहा था।

डंपर का टायर फटने से हुआ था हादसा जानकारी के अनुसार- तेज रफ्तार डंपर का आगे का टायर अचानक फट गया। इसके चलते डंपर असंतुलित होकर कार पर पलट गया। एक व्यक्ति को छोड़कर चारों लोग डंपर और बजरी के नीचे दब गए। करीब 1 घंटे की मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला जा सका।
अब देखिए- हादसे की तस्वीरें





