इंदौर में फर्जी नोट छापे जा रहे
पुलिस की पूछताछ पर छात्र ने बताया कि नोट खरीद नहीं रहे बल्कि खुद ही छाप रहे हैं

स्टार इंडिया न्यूज प्रतिनिधि । इंदौर जाली नोट चलाने वाले गिरोह में पांचवें सदस्य को पकड़ने के बाद कहानी में नया मोड़ आ गया। छात्र नोट खरीद नहीं रहे थे, बल्कि खुद ही छाप रहे जाली नोट चलाने वाले गिरोह में पांचवें सदस्य को पकड़ने के बाद कहानी में नया मोड़ आ गया। छात्र नोट खरीद नहीं रहे थे, बल्कि खुद ही छाप रहे थे।फिल्मी अभिनेता शाहिद कपूर की वेब सीरीज ‘फर्जी’ देखकर नोट छापना सीखा था। पुलिस ने आरोपित से पांच सौ के 45 नोट, प्रिंटर, स्याही जब्त की है। आरोपित अंकित लोको पायलट की तैयारी कर रहा है।आरोपितों से दो लाख रुपये के जाली नोट मिले थे।

डीसीपी (अपराध) राजेश कुमार त्रिपाठी के मुताबिक, पुलिस ने गुटकेश्वर महादेव मंदिर (सदर बाजार) के समीप से आरोपित इंजीनियरिंग के छात्र ऋषिकेश तोंडे, वंश कैथवास, रितेश नागर और अंकुश यादव को पकड़ा था। आरोपितों से दो लाख रुपये के जाली नोट मिले थे।पूछताछ में बताया था कि इंस्टाग्राम के जरिए जाली नोटों की डील हुई थी। इंस्टाग्राम पर एक आइडी से चैटिंग हुई थी। भाव तय होने पर आरोपित सुपर कॉरिडोर पर नोट देकर चला गया। पुलिस ने कॉल डिटेल के आधार पर सोमवार रात बाणगंगा के अंकित बौरासी को भी पकड़ लिया।घर को मिनी प्रिंटिंग प्रेस बना धड़ाधड़ नोट छाप लिए पुलिस पूछताछ में पता चला कि उसकी वंश कैथवास से दोस्ती है। उसने ही नोट छापने की साजिश की थी। दोनों ने शाहिद कपूर की फिल्म ‘फर्जी’ देखी थी। घर को मिनी प्रिंटिंग प्रेस बना लिया और धड़ाधड़ नोट छाप लिए।
वंश ने दोस्तों को रुपये कमाने की योजना बताई और कहा कि सस्ते दामों पर जाली नोट खरीद कर बाजार में चलाते हैं। उसने इंस्टाग्राम की झूठी कहानी बनाई और खुद ही नोट छाप डाले। बाद में दोस्तों के साथ मिलकर डील भी कर ली।नोट कहां-कहां चलाए जानकारी ली जा रही एडिशनल डीसीपी (अपराध) राजेश दंडोतिया के मुताबिक, अंकित का पुलिस रिमांड लिया गया है। उससे पूछताछ चल रही है। नोट कहां-कहां चलाए इसके संबंध में जानकारी ली जा रही है।


