बच्चों के लिए नई तकनीक की शुरुआत:अलीगढ़ के नहल में खुली स्मार्ट क्लास, न्यायमूर्ति रहे मौजूद

अतरौली के नहल गांव में शनिवार को न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह ने कम्पोजिट विद्यालय में स्मार्ट क्लास और स्मार्ट बोर्ड का लोकार्पण किया। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ना है।

लोकार्पण समारोह के दौरान न्यायमूर्ति सिंह ने स्मार्ट बोर्ड पर अपने पिताजी का नाम लिखकर कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करने के लिए एक कहानी भी सुनाई। इस अवसर पर न्यायमूर्ति ने स्वयं बच्चों के बीच बैठकर शिक्षक और शिष्य दोनों की भूमिका निभाई, उनसे सवाल-जवाब किए।
ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किए गए न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह ने बच्चों और ग्रामीणों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा गांव के बच्चों के सपनों को उड़ान देने का एक सशक्त माध्यम है। न्यायमूर्ति ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा और संस्कारों से ही समाज का उत्थान संभव है।
स्मार्ट क्लास के उद्घाटन के साथ, विद्यालय में अब डिजिटल शिक्षण सामग्री, ऑनलाइन शिक्षण और स्मार्ट बोर्ड जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसी क्रम में, न्यायमूर्ति ने गांव के अम्बेडकर पार्क में एक ई-लाइब्रेरी और स्मार्ट क्लास का भी उद्घाटन किया। इस लाइब्रेरी में एक साथ 50 बच्चे बैठकर अध्ययन कर सकेंगे, जिससे उन्हें पढ़ाई-लिखाई और तकनीकी ज्ञान के विस्तार का अवसर मिलेगा।
इस आयोजन को लेकर गांव के नागरिकों में भारी उत्साह देखा गया। बच्चों और युवाओं ने डिजिटल शिक्षा की उपलब्धता पर खुशी व्यक्त की। ग्रामीणों ने न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह की इस पहल को नहल गांव ही नहीं, बल्कि पूरे अतरौली क्षेत्र के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। यह दिन अलीगढ़ जिले में शिक्षा, तकनीकी उन्नयन और सामाजिक समरसता का संदेश लेकर एक मिसाल के तौर पर उभरा।



