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गर्मी, उमस और पसीने से होती घमौरियां:डर्मेटोलॉजिस्ट से जानें घरेलू उपचार, बचाव के 8 टिप्स, कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी

गर्मियों में तेज धूप, उमस और पसीने से स्किन पर खुजली, लाल दाने या रैशेज हो जाते हैं। लोग इसे हल्की समस्या मानकर नजरअंदाज कर देते हैं।

कई बार ये हीट रैश यानी घमौरियां हो सकती हैं। स्किन पर स्वेट डक्ट्स होते हैं, जिनसे पसीना निकलता है। इनके ब्लॉक होने पर पसीना स्किन के अंदर ही फंस जाता है। इससे हीट रैश होता है।

  • हीट रैश क्यों होता है?
  • इसके क्या लक्षण हैं?
  • हीट रैश के घरेलू उपाय क्या हैं?

एक्सपर्ट: डॉ. संदीप अरोड़ा, सीनियर कंसल्टेंट, डर्मेटोलॉजी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली

सवाल- हीट रैश क्या होता है?

जवाब- हीट रैश एक कॉमन स्किन प्रॉब्लम है। यह ज्यादा गर्मी और पसीने की वजह से होता है। इसे ‘प्रिकली हीट’, ‘स्वेट रैश’ या ’मिलियारिया’ भी कहा जाता है।

सवाल- हीट रैश क्यों होता है?

जवाब- पसीने को स्किन की सरफेस तक पहुंचाने वाली डक्ट ब्लॉक होने पर हीट रैश होता है। इससे पसीना स्किन के अंदर जमा होने लगता है। यह दाने या रैशेज के रूप में बाहर निकलता है।

सवाल- हीट रैश और एलर्जी या फंगल इन्फेक्शन में क्या फर्क होता है?

जवाब- हीट रैश, एलर्जी और फंगल इन्फेक्शन तीनों में स्किन पर दाने के साथ खुजली हो सकती है, लेकिन इनके कारण अलग होते हैं। तीनों को एक-एक करके समझते हैं-

हीट रैश

  • हीट रैश ज्यादा गर्मी और पसीने की वजह से होता है।
  • स्किन डक्ट्स में पसीना फंसने पर छोटे लाल दाने हो जाते हैं या चुभन महसूस होती है।
  • यह अक्सर गर्दन, पीठ, आर्म पिट (बगल) या जांघों पर होता है।

एलर्जी

  • एलर्जी आमतौर पर साबुन, कॉस्मेटिक, मेडिसिन या फूड के रिएक्शन से होती है।
  • इसमें लाल चकत्ते, सूजन और तेज खुजली होती है।

फंगल इन्फेक्शन

  • ये फंगस के कारण होता है।
  • आमतौर पर आर्म पिट (बगल), जांघों पर या पैरों की उंगलियों के बीच होता है।
  • इसमें गोल दाने, लगातार खुजली होती है। स्किन छिल भी सकती है।

सवाल- हीट रैश शरीर के किन हिस्सों में ज्यादा होता है?

जवाब- यह उन हिस्सों में होता है, जहां हवा कम लगती है या स्किन आपस में रगड़ती है। खासकर वे हिस्से जो कपड़ों से ढके रहते हैं या जहां पसीना ज्यादा जमा होता है। ये बच्चों और वयस्कों में अलग अलग जगहों पर होता है-

बच्चों में-

  • आर्म पिट्स (बगल)
  • कोहनी के अंदर की सिलवटें
  • गर्दन
  • ग्रोइन या डायपर वाला हिस्सा
  • गर्दन का निचला हिस्सा और पीठ

वयस्कों में-

  • हाथ
  • पीठ
  • चेस्ट (महिलाओं में ब्रेस्ट के नीचे)
  • जांघों के बीच

इन हिस्सों में पसीना ज्यादा जमा होने से स्वेट डक्ट्स ब्लॉक हो जाते हैं। इससे हीट रैश होता है।

सवाल- क्या टाइट कपड़े पहनने से हीट रैश बढ़ सकता है?

जवाब- हां, टाइट कपड़ों से एयर फ्लो रुक जाता है। इससे स्किन तक हवा नहीं पहुंच पाती। इसके चलते पसीना ज्यादा होता है, देर से सूखता है। यही वजह है कि टाइट कपड़े पहनने से हीट रैश बढ़ जाता है।

सवाल- क्या पर्सनल हाइजीन का ख्याल न रखने से भी हीट रैश बढ़ सकता है?

जवाब- हां, अगर रोज नहीं नहाते हैं, पसीने से भीगे कपड़े लंबे समय तक पहने हुए हैं, साफ सफाई नहीं रखते हैं तो हीट रैश बढ़ सकता है।

सवाल- क्या ओबिसिटी या अन्य हेल्थ कंडीशंस भी हीट रैश के रिस्क को बढ़ा सकती हैं?

जवाब- हां, कुछ हेल्थ कंडीशंस हीट रैश होने के खतरे को बढ़ा सकती हैं। पॉइंटर्स से समझिए-

डायबिटीज

  • डायबिटीज में ब्लड शुगर ज्यादा रहने से स्किन की इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है।
  • इससे स्किन में इन्फेक्शन और सूजन का रिस्क बढ़ जाता है, जिससे रैश जल्दी हो सकते हैं।
  • डायबिटिक लोगों को ज्यादा पसीना आता है, जिससे हीट रैश का रिस्क बढ़ सकता है।

ओबिसिटी

  • वजन ज्यादा होने पर स्किन की सिलवटें (स्किन फोल्ड्स) बढ़ जाती हैं।
  • इसलिए जांघों, पेट या आर्म पिट्स (बगल) में हीट रैश के लक्षण ज्यादा दिखते हैं।
  • मोटापे के कारण बॉडी को हीट कंट्रोल करने में समस्या होती है। इससे पसीना ज्यादा बनता है और हीट रैश का खतरा बढ़ जाता है।

स्किन कंडीशन

  • कुछ स्किन डिजीज में स्किन सेंसिटिव हो जाती या सूजन हो जाती है। इससे स्वेट डक्ट्स ब्लॉक हो जाती हैं।
  • ऐसी स्किन पर गर्मी और पसीना होने से रैश जल्दी बन सकते हैं।

सवाल- हीट रैश का घरेलू इलाज क्या है?

जवाब- कुछ आसान घरेलू उपाय जलन, खुजली कम करने में मदद कर सकते हैं। जैसे-

ठंडी पट्टी: प्रभावित हिस्से पर 5–10 मिनट तक ठंडे पानी में भीगे कपड़े की पट्‌टी रखें या बर्फ पर कपड़ा लपेटकर लगाएं। यह सूजन और खुजली कम करने में मदद कर सकता है।

एलोवेरा: एलोवेरा जेल लगाने से स्किन को ठंडक मिलती है। इससे जलन व सूजन कम हो सकती है।

खीरा: फ्रिज में रखी खीरे की स्लाइस प्रभावित जगह पर लगाएं। इससे स्किन को ठंडक मिलती है और जलन कम हो सकती है।

चंदन पाउडर: चंदन पाउडर में पानी मिलाकर पेस्ट बनाकर लगाएं। इससे जलन और सूजन कम करने में मदद मिल सकती है।

नीम: नीम के पत्तों का पेस्ट या नीम का तेल लगाएं। इससे स्किन को आराम मिलता है, क्योंकि इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं।

सवाल- कितने दिनों तक हीट रैश ठीक न हो तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए?

जवाब- आमतौर पर हीट रैश 2-3 दिनों में ठीक हो जाते हैं। इन कंडीशंस में डॉक्टर से कंसल्ट करें-

  • अगर दाने 3-4 दिनों से ज्यादा समय तक बने हुए हैं।
  • बुखार, दर्द, पस और सूजन जैसे लक्षण दिख रहे हैं।

गर्मी में होने वाला हीट रैश स्किन के ओवरहीट और केयर की कमी का संकेत है। थोड़ी सावधानी बरतकर इससे बचा जा सकता है।

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