भोपालमध्य प्रदेश

भोपाल के जम्बूरी मैदान में पूर्व सीएम उमा भारती ने आरक्षण को लेकर बड़ा बयान दिया;राष्ट्रपति-पीएम के परिवार के लोग सरकारी स्कूल नहीं जाएंगे, तब तक रहेगा; शिवराज भी दे चुके बयान

भोपाल के जम्बूरी मैदान में पूर्व सीएम उमा भारती ने आरक्षण को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने मंगलवार को राजा हिरदे शाह लोधी की शौर्य यात्रा में कहा- देश में सामाजिक बराबरी के लिए आरक्षण जरूरी है। उमा भारती ने कहा-

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जब तक राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और चीफ जस्टिस के परिवार के लोग एक साथ सरकारी स्कूलों में नहीं पढ़ेंगे, तब तक आरक्षण कोई माई का लाल नहीं छीन सकता।

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उमा ने कहा कि भारतीय समाज लंबे समय तक जातिगत आधार पर बंटा रहा और आर्थिक असमानताएं गहरी रहीं। ऐसे में आरक्षण उस विषमता को कम करने का एक बड़ा प्रयास है। बराबरी सिर्फ कानून से नहीं, बल्कि व्यवहार में बदलाव से आएगी।

शिवराज ने भी यही बयान दिया था, फिर भाजपा को हार मिली थी

आरक्षण के मसले पर 12 जून 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी बयान दिया था। शिवराज अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी-कर्मचारी संघ द्वारा भोपाल में आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा था-

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हमारे रहते हुए कोई माई का लाल आरक्षण खत्म नहीं कर सकता। नया कानून आने तक यह जारी रहेगा।

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बयान के बाद सवर्ण समाज नाराज, सपाक्स संघ का गठन हुआ

शिवराज के इस बयान के बाद सवर्ण समाज नाराज हो गया। सपाक्स संघ का गठन हुआ, जिसने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। उसका साथ करणी सेना ने दिया। उज्जैन, भोपाल सहित प्रदेश के बड़े शहरों में बड़े आंदोलन हुए और रैलियां निकाली गईं। 2018 के विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल पर भाजपा के पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा ने मंदसौर में कहा था–

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यदि माई के लाल जैसे शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया होता तो एमपी में भाजपा की 10 से 15 सीटें स्वत: बढ़ जाती। कांग्रेस से कड़े मुकाबले जैसी स्थिति नहीं बनती। यदि भाजपा की हार होती है तो इसकी जिम्मेदारी शिवराज सिंह चौहान की होगी।

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बता दें कि इस चुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था।

लोधी समाज के पदाधिकारियों ने उमा भारती का ढाल-तलवार भेंट कर स्वागत किया।

एक ने राम मंदिर के लिए, दूसरे ने तिरंगे के लिए कुर्सी छोड़ी

उमा ने कहा- अब मैं आजादी की दूसरी लड़ाई के बारे में बताती हूं। मोदी जी ने 2014 में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, तो एक अमेरिकी अखबार के एडिटर ने लिखा ‘अंग्रेज तो चले गए, लेकिन कुछ ‘काले अंग्रेज’ छोड़ गए।’ हम मॉर्डनाइज हो रहे हैं, लेकिन वेस्टर्नाइज नहीं हो रहे। जनसंघ के बाद जब भाजपा बनी, तो इसे पिछड़ी और विरोधी पार्टी कहा जाता था।

पहली बार ऐसा हुआ, जब एक व्यक्ति ने राम मंदिर के लिए अपनी कुर्सी छोड़ दी। दूसरे ने तिरंगे के लिए अपनी कुर्सी छोड़ दी। इसके बाद एक समुदाय ने इस भ्रम को तोड़ दिया कि भाजपा पिछड़ा विरोधी पार्टी है।

आजादी की तीसरी लड़ाई समानता के लिए होनी चाहिए

उमा भारती ने कहा कि भारतीय संस्कृति में पेड़, पहाड़ और जीव-जंतुओं तक की पूजा की जाती है। इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं है। देश ने आजादी के लिए लंबा संघर्ष किया है, लेकिन अब आजादी की तीसरी लड़ाई समानता के अधिकार के लिए लड़ी जानी चाहिए।

उमा ने कहा- लोधी समाज की संख्या काफी अधिक है और उनकी भागीदारी से सरकारें बनती हैं। यह समाज सरकार बनाने की ताकत रखता है।

सीएम बोले- पाठ्यक्रम में शामिल होगा शाह का जीवन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- राजा हिरदे शाह ने बुंदेला-गोंड समाज को एकजुट कर अपनी अलग पहचान बनाई और अंग्रेजों को कड़ी चुनौती दी। उनके जीवन पर शोध कराया जाएगा। उनके संघर्षमय जीवन को शिक्षा विभाग के माध्यम से पाठ्यक्रम में शामिल करने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

सीएम के भाषण के दौरान गिरा PSO, गर्मी से बिगड़ी तबीयत

मुख्यमंत्री जब मंच से भाषण दे रहे थे, उसी दौरान उनके पीछे खड़ा PSO गर्मी के कारण मंच पर ही गिर गया। आसपास खड़े लोगों ने उसे संभाला।

प्रीतम बोले- भारत में कम से कम एक लोधी सीएम बने

पिछोर विधायक प्रीतम लोधी ने कहा- जब हेमा मालिनी के धर्मेंद्र को भारत रत्न मिल सकता है तो हमारे कल्याण सिंह को क्यों नहीं मिल सकता?

प्रीतम ने कहा- जिस ओर जवानी चलती है, उस ओर जमाना चलता है। मैं जब जवानी देखने निकलता हूं तो आज की जवानी ताश के पत्तों में मिलती है। शराब की दुकान में मिलती है। हम जब जवान हुआ करते थे, तब हमारे समाज के दो-दो मुख्यमंत्री हुआ करते थे। आज जीरो हैं। भारत में कम से कम एक लोधी तो मुख्यमंत्री होना चाहिए।।

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