राजस्थान

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में शिक्षक अब पासबुक से पढ़ाई करवा सकेंगे;शिक्षा विभाग ने 9 साल बाद अपना आदेश वापस लिया

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में शिक्षक अब पासबुक से पढ़ाई करवा सकेंगे। सरकारी स्कूलों में पासबुक के उपयोग पर लगी रोक हटा दी गई है।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने 9 साल पुराने आदेश में आगे अपील नहीं करने का फैसला लिया।

इसके बाद माध्यमिक शिक्षा राजस्थान के जिला शिक्षा अधिकारी(DEO) डॉ. रामगोपाल शर्मा ने सोमवार (20 अप्रैल) को आदेश जारी किया, जिसमें पूर्व में जारी प्रतिबंध लगाने के 2 आदेशों को वापस(प्रत्याहरित) लेने का आदेश दिया गया।

पहले देखिए- 20 अप्रैल को जारी शिक्षा विभाग का आदेश

राजस्थान के सरकारी स्कूलों में शिक्षक अब पासबुक से पढ़ाई करवा सकेंगे। सरकारी स्कूलों में पासबुक के उपयोग पर लगी रोक हटा दी गई है।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने 9 साल पुराने आदेश में आगे अपील नहीं करने का फैसला लिया।

इसके बाद माध्यमिक शिक्षा राजस्थान के जिला शिक्षा अधिकारी(DEO) डॉ. रामगोपाल शर्मा ने सोमवार (20 अप्रैल) को आदेश जारी किया, जिसमें पूर्व में जारी प्रतिबंध लगाने के 2 आदेशों को वापस(प्रत्याहरित) लेने का आदेश दिया गया।

पहले देखिए- 20 अप्रैल को जारी शिक्षा विभाग का आदेश

9 साल पहले लगाई थी रोक 13 मार्च 2018 को राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद और माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने संयुक्त रूप से आदेश जारी कर सरकारी स्कूलों में पासबुक के उपयोग पर रोक लगा दी थी।

आदेश में कहा गया था कि पासबुक के कारण छात्र मूल अध्ययन नहीं कर पाते और रटंत प्रणाली को बढ़ावा मिलता है। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए थे कि यदि किसी छात्र या शिक्षक के पास पासबुक पाई जाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इसके बाद 6 नवंबर 2023 को माध्यमिक शिक्षा निदेशक कानाराम ने इसी आदेश को दोबारा जारी करते हुए पासबुक के उपयोग पर प्रतिबंध को फिर से लागू कर दिया था।

पासबुक पब्लिशर की अपील पर कोर्ट ने रोक लगाई शिक्षा विभाग के फैसले के खिलाफ प्राइवेट पब्लिशर ‘संजीव पासबुक’ ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और आदेश को गलत बताते हुए चुनौती दी।

मामले की सुनवाई के दौरान 12 फरवरी 2026 को हाईकोर्ट जयपुर बेंच ने इस आदेश पर रोक लगा दी।

सरकार ने आगे अपील नहीं करने का फैसला लिया हाईकोर्ट के स्टे के बाद शिक्षा विभाग के पास अपील करने का विकल्प था, लेकिन सरकार ने आगे अपील नहीं करने का निर्णय लिया।

17 मार्च 2026 को संयुक्त विधि परामर्शी ऋतु शर्मा ने आदेश जारी कर पासबुक पर लगे प्रतिबंध को वापस लेने के निर्देश दिए।

स्कूलों में फिर से शुरू हो सकेगा पासबुक का उपयोग कोर्ट के फैसले के बाद स्कूलों में करीब 9 साल फिर से पासबुक का उपयोग हो सकेगा। छात्रों और शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान खत्म हो गया है।

पूर्व के 2018 और 2023 के आदेश निरस्त हो गए हैं। इस फैसले के बाद अब सरकारी स्कूलों में पासबुक का उपयोग फिर से शुरू हो सकेगा।

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