पिरोजशा बनेंगे गोदरेज ग्रुप के नए चेयरपर्सन, नादिर छोड़ेंगे कमान:नोटबंदी में एक दिन में बेचे थे 300 करोड़ के विला; हिलेरी क्लिंटन के साथ की थी इंटर्नशिप

127 साल पुराने गोदरेज ग्रुप ने अपनी उत्तराधिकार योजना का औपचारिक ऐलान कर दिया है। समूह के मौजूदा चेयरमैन नादिर गोदरेज अगले साल अगस्त 2026 में अपने पद से रिटायर होंगे। उनकी जगह उनके बड़े भाई आदि गोदरेज के बेटे पिरोजशा गोदरेज (45) समूह की कमान संभालेंगे।
पिरोजशा 14 अगस्त 2026 से ‘गोदरेज इंडस्ट्रीज समूह’ और ‘गोदरेज इंडस्ट्रीज लिमिटेड’ के चेयरपर्सन का पद संभालेंगे। यह बदलाव समूह की नई पीढ़ी को नेतृत्व सौंपने और भविष्य के रणनीतिक विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
समूह के वर्तमान चेयरमैन नादिर गोदरेज जब अगस्त 2026 में रिटायर होंगे, तब उनकी उम्र 75 वर्ष होगी। रिटायरमेंट के बाद वे पूरी तरह से कंपनी से अलग नहीं होंगे, बल्कि ‘चेयरमैन एमेरिटस’ की भूमिका में रहकर नई पीढ़ी का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
उनके कार्यकाल में समूह ने कई नए मुकाम हासिल किए हैं, और अब पिरोजशा इस विरासत को आगे बढ़ाएंगे। पिरोजशा फिलहाल समूह के प्रॉपर्टीज, कैपिटल और वेंचर्स बिजनेस के चेयरपर्सन के रूप में काम देख रहे हैं।
पिरोजशा का सफर: 40 करोड़ की बिक्री को 30 हजार करोड़ पहुंचाया
व्हार्टन और कोलंबिया यूनिवर्सिटी से शिक्षित पिरोजशा ने साल 2004 में ‘गोदरेज प्रॉपर्टीज’ से अपने करियर की शुरुआत की थी।
- विस्तार: उनके आने के समय कंपनी केवल 2 शहरों तक सीमित थी, जिसे उन्होंने 10 शहरों तक फैलाया।
- टीम और रेवेन्यू: जब उन्होंने जॉइन किया था, तब टीम में महज 30-40 लोग थे और सालाना बिक्री करीब 40 करोड़ रुपए थी।
- नया मुकाम: आज कंपनी की बिक्री 30 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा पहुंच चुकी है और अगला लक्ष्य 40 हजार करोड़ का है। 2010 में आया 468 करोड़ रुपए का आईपीओ उनकी बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जाता है।
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नोटबंदी के समय एक दिन में बेचे थे 300 करोड़ के विला

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पिरोजशा की दूरदर्शिता का सबसे चर्चित उदाहरण 2016 की नोटबंदी के दौरान देखने को मिला था। जब पूरे रियल एस्टेट सेक्टर में मंदी छाई थी और नकद लेनदेन बंद होने से हड़कंप मचा था, उस वक्त उन्होंने ग्रेटर नोएडा के एक प्रोजेक्ट में एक ही दिन में 300 करोड़ रुपए के विला बेच दिए थे।
उन्होंने साबित किया कि जब बाजार में अनिश्चितता होती है, तो ग्राहक केवल भरोसेमंद और पारदर्शी ब्रांड्स की ओर ही रुख करते हैं। वह दिन कंपनी के इतिहास में ‘गेमचेंजर’ साबित हुआ था।
हिलेरी क्लिंटन के साथ इंटर्नशिप की
बहुत कम लोग जानते हैं कि पिरोजशा 20 साल की उम्र में राजनीति में करियर बनाना चाहते थे। अमेरिका में पढ़ाई के दौरान वे जॉर्ज बुश और अल गोर के चुनावी मुकाबले से काफी प्रभावित हुए थे।
उन्होंने हिलेरी क्लिंटन के न्यूयॉर्क सीनेट कार्यालय में इंटर्नशिप भी की और दिल्ली में विदेश राज्य मंत्री के अतिरिक्त निजी सचिव के रूप में काम किया।
हालांकि, हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं पर अच्छी पकड़ न होने के कारण उन्होंने बिजनेस की दुनिया को ही अपना कार्यक्षेत्र चुना।
बुर्जिस गोदरेज को मिली ‘एग्रोवेट’ की बड़ी जिम्मेदारी
इस उत्तराधिकार योजना में नादिर गोदरेज के बेटे बुर्जिस (35) को भी अहम जिम्मेदारी दी गई है। स्टैनफर्ड और हार्वर्ड से पढ़े बुर्जिस ‘गोदरेज एग्रोवेट’ के नए चेयरपर्सन बनेंगे।
उन्होंने 2017 में एग्रोवेट के स्ट्रैटेजी डिवीजन से शुरुआत की थी और एस्टेक लाइफसाइंसेज के एमडी के रूप में कंपनी को नई ऊंचाइयों पर ले गए।
अब वे समूह के कृषि-कारोबार को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से आगे बढ़ाएंगे।
1.56 लाख करोड़ का विशाल नेटवर्थ
गोदरेज परिवार की कुल नेटवर्थ करीब 1.56 लाख करोड़ रुपए है। समूह का कारोबार साबुन और कंज्यूमर गुड्स से लेकर रियल एस्टेट, कृषि और केमिकल तक फैला हुआ है। पिरोजशा और बुर्जिस का नेतृत्व यह तय करेगा कि समूह आने वाले दशकों में डिजिटल और टेक-आधारित मार्केट में कैसे खुद को स्थापित रखता है।



