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MBBS छात्र ने डमी कैंडिडेट बनकर दी थी परीक्षा:कोलकाता से पकड़ा गया; सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा-2022 में अब तक 27 आरोपी अरेस्ट

स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) ने बुधवार को सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा-2022 में डमी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा देने वाले एक एमबीबीएस छात्र को गिरफ्तार किया है। आरोपी छात्र परीक्षा के बाद से ही फरार था और कोलकाता में छिपा हुआ था।

SOG को मुखबिर से सूचना मिली थी और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी को ट्रेस किया गया। पूछताछ में पता चला कि उसने परीक्षा में बैठने के लिए ढाई लाख रुपए लिए थे। SOG ने आरोपी पर 10,000 रुपए का इनाम भी घोषित किया था।

एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया- प्रिंस (27), गांव आदमपुर मोचनी, थाना खतौली, जिला मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है, बारासात (पश्चिम बंगाल) राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में एमबीबीएस फोर्थ ईयर का छात्र है।

ढाई लाख रुपए लेकर उदयपुर में दी थी परीक्षा सीनियर टीचर (माध्यमिक शिक्षा) द्वितीय श्रेणी भर्ती परीक्षा-2022 में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा सामने आया था। 24 दिसंबर 2022 को सामान्य ज्ञान और शैक्षिक मनोविज्ञान विषय का प्रश्नपत्र लीक होने के कारण परीक्षा निरस्त करनी पड़ी थी। इसके बाद 29 जनवरी 2023 को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। इसी दौरान कई अभ्यर्थियों ने डमी परीक्षार्थियों के माध्यम से परीक्षा दिलवाकर चयन हासिल किया।

जांच में सामने आया कि आरोपी प्रिंस ने मूल अभ्यर्थी मनोहर सिंह के स्थान पर 24 दिसंबर 2022 को उदयपुर स्थित परीक्षा केंद्र पर विज्ञान विषय की परीक्षा दी थी। दोनों के बीच ढाई लाख रुपए में सौदा तय हुआ था। परीक्षा पास कराने के लिए आरोपी प्रिंस ने फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया था।

तकनीकी जांच से हुआ खुलासा

SOG ने मामले में एक विशेष सॉफ्टवेयर विकसित कर अभ्यर्थियों के फोटो और विवरण का डेटाबेस तैयार किया। संदिग्ध तस्वीरों का मिलान कर कई आरोपियों की पहचान की गई। डीआईजी परिस देशमुख के नेतृत्व में तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल टूल्स और मुखबिर नेटवर्क के जरिए आरोपी की लोकेशन ट्रेस की गई, जिसके बाद कोलकाता में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया गया।

एसओजी ने प्रिंस की गिरफ्तारी के लिए 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था।

27 आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ में जुटी SOG

भर्ती घोटाले में अब तक 12 मूल अभ्यर्थी, 10 डमी परीक्षार्थी, 5 मध्यस्थ, सहित कुल 27 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले में आगे भी गहन जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।

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