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देहरादून-‘ये कश्मीर नहीं, इन्हें मार दो’ बोलकर कश्मीरियों को पीटा:नाबालिग का हाथ तोड़ा, आरोपी बोले- तुमने पहलगाम में हमारे लोगों को मारा

देहरादून में दो कश्मीरी लड़कों को दुकानदार ने रॉड से पीटा। घायलों का आरोप है कि दुकानदार को जैसे ही पता लगा कि वो मुस्लिम हैं और कश्मीर से हैं तो वह भड़क गया और गाली-गलौज करता हुआ मारपीट करने लगा। इस दौरान दुकान के पास बैठे कुछ और लोग भी वहां पर पहुंच गए और फिर सबने मिलकर लाठी-डंडों और रॉड से पीटकर दोनों को बुरी तरह जख्मी कर दिया।

घायल लड़के ने बताया कि मारपीट करने वालों में दुकानदार के साथ एक महिला भी थी। वे कह रहे थे-

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ये कश्मीर नहीं है, यहां कश्मीरी नहीं चलेगी, ये मुस्लिम हैं, इनको जिंदा मार दो। तुमने पहलगाम में हमारे लोगों को मारा है, अब तुम्हें बताएंगे।

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ये घटना बुधवार शाम को देहरादून के विकास नगर में हुई है, हमले में 18 साल का दानिश और एक नाबालिग लड़का घायल हुआ है। नाबालिग का हाथ टूट गया है और सिर में गंभीर चोटें लगी हैं। दानिश को भी कई जगहों पर चोटें आई हैं। यह नाबालिग, रिश्ते में दानिश का भाई है। इस घटना पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा- ऐसी घटनाएं अस्वीकार्य हैं, इन्हें हर हाल में रोका जाना चाहिए। उन्होंने सीएम पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात कर सख्त कार्रवाई का आग्रह किया।

एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने कहा- इस मामले का धर्म, जाति या क्षेत्रीय पहचान से कोई लेना-देना नहीं है। गाली गलौज और मारपीट करने वाले दुकानदार को हिरासत में ले लिया गया है।

पीड़ित कश्मीरी लड़का रोते हुए घटना की जानकारी देता हुआ।

पीड़ित ने कहा- पहली बार देहरादून आए थे

दानिश के घायल रिश्तेदार ने कहा- बुधवार शाम को हम विकास नगर के चौकी बाजार में दुकान पर गए थे। दुकान से समान लेने के बाद दुकानदार ने नाम पूछा, हमने अपना नाम बताया तो उसने कहा तुम मुस्लिम हो और फिर धर्म के नाम पर गाली-गलौज करने लगा।

लड़के ने आगे कहा- हमने उन्हें बताया कि हम सिर्फ शॉल बेचने आए हैं। हम पहली बार उत्तराखंड आए हैं। हमें बस नमकीन चाहिए। तभी कुछ और लोग वहां पर आए और कहने लगे कि ये मुस्लिम है, इन्हें मारो, खत्म कर दो।

युवक की पिटाई के बाद विकासनगर कोतवाली का घेराव करते लोग।

‘पुलिस ने मदद नहीं की’दानिश ने बताया कि मैं अपने भाई के साथ हिमाचल के पांवटा से यहां पर शॉल बेचने के लिए आया था। घटना के बाद रात को थाने भी गया, पुलिस से मदद मांगी, लेकिन पुलिस ने मदद नहीं की।

इम मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने X पर लिखा

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यह विरोधाभास चौंकाने वाला है। यही कश्मीरी शॉल पीएम और उनके करीबी लोगों के कंधों पर सार्वजनिक मंचों पर संस्कृति और विरासत के प्रतीक बनकर दिखाई देती हैं। कश्मीरी कारीगरी की प्रशंसा होती है, कश्मीरी सौंदर्य को अपनाया जाता है। लेकिन उस कारीगरी के पीछे खड़े लोग, बुनकर और विक्रेता- गरिमा, सुरक्षा और सम्मान से वंचित रह जाते हैं। यह कैसा संदेश देता है? कश्मीरी सुंदरता की कीमत है। कश्मीरी श्रम उपयोगी है। लेकिन कश्मीरी जिंदगियां महत्वहीन समझी जाती हैं। और फिर हमसे कहा जाता है कि “कश्मीर अब सामान्य है”, जबकि हकीकत यह है कि भारत में कहीं भी कश्मीरी होना ही असामान्य बना दिया गया है।

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उमर अब्दुल्ला बोले, कश्मीरी डर में नहीं जी सकते

मारपीट के मामले पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना को अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि हाल के दिनों में हिमाचल प्रदेश समेत देश के विभिन्न हिस्सों में कश्मीरियों पर हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं और इन्हें हर हाल में रोका जाना चाहिए।

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जब जम्मू-कश्मीर को भारत का अविभाज्य हिस्सा कहा जाता है, तो यह कैसे स्वीकार किया जा सकता है कि कश्मीर के लोग देश के अन्य राज्यों में अपनी जान के डर के साथ रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां भी जरूरत होगी, उनकी सरकार हस्तक्षेप करेगी और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगी।

सीएम धामी से की बात, सख्त कार्रवाई का आग्रह

उमर अब्दुल्ला ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बातचीत की। उमर अब्दुल्ला के कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, उन्होंने इस घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया। बताया गया कि बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले में एफआईआर दर्ज करने सहित कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने उत्तराखंड में रह रहे जम्मू-कश्मीर के निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात भी कही।

एसोसिएशन बोला- लोहे की रॉड और घूंसे बरसाए

जम्मू एंड कश्मीर स्टूडेंट एसोसिएशन (JKSA) के अनुसार, हमलावरों ने पहले युवक से उसकी पहचान को लेकर पूछताछ की। जब उन्हें पता चला कि परिवार कश्मीर से है और मुस्लिम समुदाय से संबंध रखता है, तो विवाद बढ़ गया और हमला किया गया। संगठन का आरोप है कि युवक को लोहे की रॉड से मारा गया, घूंसे बरसाए गए और परिवार के अन्य सदस्यों को भी घसीटकर थप्पड़ मारे गए।

हमले के बाद घायल लड़के को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर देहरादून के दून अस्पताल रेफर किया गया। JKSA के मुताबिक, लड़के के सिर से खून बह रहा था और शरीर पर कई जगह चोटों के निशान थे।

जम्मू एंड कश्मीर स्टूडेंट एसोसिएशन ने सीएम धामी से मामले में दखल देने की मांग की।

JKSA की आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में FIR की मांग

JKSA ने इस घटना को सांप्रदायिक प्रोफाइलिंग और भीड़ द्वारा की गई हिंसा करार दिया है। संगठन ने उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। साथ ही आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में FIR दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की अपील की है।

संगठन ने कहा कि इस तरह की घटनाओं पर सख्ती जरूरी है, ताकि मेहनत-मजदूरी कर जीवनयापन करने वाले कमजोर वर्गों के खिलाफ नफरत और हिंसा पर स्पष्ट संदेश दिया जा सके।

एसएसपी बोले- मुकदमा दर्ज कर हिरासत में आरोपी

वहीं इस मामले में एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने कहा- इस मामले का किसी भी तरह से धर्म, जाति या क्षेत्रीय पहचान से कोई लेना-देना नहीं है। जांच में सामने आया है कि दो कश्मीरी युवक बाजार में एक कन्फेक्शनरी की दुकान पर सामान खरीदने गए थे, जहां दुकानदार से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इसी कहासुनी के बाद दुकानदार ने उन युवकों पर हमला कर दिया।

एसएसपी के अनुसार, दोनों युवक अपने पिता के साथ पोंटा साहिब में किराए पर रहते हैं और छुट्टियों में वहीं आए हुए थे। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने घायलों का मेडिकल कराया, जिसमें सभी जांच रिपोर्ट सामान्य पाई गईं। पीड़ितों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और हमलावर को हिरासत में लेकर मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर सुसंगत धाराओं में न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों से भी यह स्पष्ट हुआ है कि घटना में कोई और व्यक्ति शामिल नहीं था और यह एक व्यक्तिगत विवाद था।

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