
स्टार इंडिया न्यूज प्रतिनिधि। राजस्थान के जोधपुर में पुलिस ने एमडी ड्रग्स बनाने वाली गुप्त लैब का भंडाफोड़ किया. गुजरात एटीएस और जोधपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में छह आरोपी गिरफ्तार हुए. राजस्थान के जोधपुर जिले में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है. यहां शेरगढ़ इलाके के सोईतरा गांव में एमडी ड्रग्स बनाने वाली छिपी हुई लैब को पकड़ा गया. गुजरात एटीएस और जोधपुर ग्रामीण पुलिस की टीम ने मिलकर यह कार्रवाई की.रविवार सुबह हुए इस ऑपरेशन में कई संदिग्ध पकड़े गए और नशे के सामान जब्त किए गए. पुलिस का मानना है कि यह गैंग राजस्थान और गुजरात में ड्रग्स की सप्लाई करता था.

पुलिस टीम ने सोईतरा गांव के एक ट्यूबवेल पर छापा मारा. यहां से केमिकल भरे पांच से छह जार मिले. ये जार एमडी ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होते थे. आरोपी रात के अंधेरे में यहां आते थे. वे नशे के रसायनों को मिलाकर ड्रग्स तैयार करते और सुबह होने से पहले चले जातेइस तरह वे पुलिस की नजरों से बचते रहते थे. छापे के दौरान लैब से ड्रग्स बनाने का सामान भी बरामद हुआ. डीएसटी और एफएसएल की टीमों ने रासायनिक नमूने लिए हैं. जोधपुर ग्रामीण एसपी नारायण टोगस खुद मौके पर पहुंचे और जांच की |
वांटेड आरोपी की तलाश से शुरू हुई कहानी
यह पूरा मामला गुजरात एटीएस की एक जांच से जुड़ा है. टीम वांटेड आरोपी मोनू ओझा को पकड़ने के लिए रविवार तड़के बालोतरा के सिरमखिया गांव पहुंची. वहां डूंगरसिंह के घर में मोनू ओझा और गोविंद सिंह छिपे थे. पुलिस ने उन्हें और चार-पांच अन्य लोगों को हिरासत में लिया. पूछताछ में उन्होंने सोईतरा में ड्रग्स लैब की सारी बातें बता दीं. इसी जानकारी के आधार पर टीम ने शेरगढ़ पुलिस के साथ मिलकर ट्यूबवेल पर हमला किय
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह नेटवर्क गुजरात के वापी से जुड़ा है. वहां हाल ही में एक ड्रग्स फैक्ट्री पर छापा पड़ा था जहां मोनू ओझा को गिरफ्तार किया गया. उसकी फोन कॉल डिटेल्स से शेरगढ़ की जगह पता चली. इसी सुराग पर गुजरात एटीएस और जोधपुर पुलिस ने साथ काम किया. इससे ड्रग्स का बड़ा जाल सामने आया. पुलिस को लगता है कि यह गिरोह दोनों राज्यों में नशे का कारोबार चला रहा था.



