कारोबार

ईरान-अमेरिका वार्ता में कोई ठोस समझौता न होने से 13 अप्रैल से शुरू होने वाले हफ्ते में बाजार में तेज उतार-चढ़ाव दिख सकता है

ईरान-अमेरिका वार्ता में कोई ठोस समझौता न होने से 13 अप्रैल से शुरू होने वाले हफ्ते में बाजार में तेज उतार-चढ़ाव दिख सकता है। कच्चे तेल की अस्थिर कीमतें, विदेशी निवेशकों की एक्टिविटी और ग्लोबल मार्केट की चाल भी बाजार की दिशा तय करने वाले मुख्य कारण होंगे।

शेयर बाजार के लिए पिछला हफ्ता फरवरी 2021 के बाद सबसे बेहतरीन रहा। ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत से तनाव कम होने की उम्मीद में निफ्टी 6% की मजबूती के साथ 24,050 के स्तर पर बंद हुआ। अब क्या बाजार इस बढ़त को बरकरार रख पाएगा। चलिए समझते हैं…

सपोर्ट और रेजिस्टेंस

सपोर्ट जोन: 23,940 | 23,850 | 23,462 | 23,330 | 22,857

सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। यहां खरीदारी का मौका हो सकता है।

रेजिस्टेंस जोन: 24,143 | 24,387 | 24,450 | 24,538 | 24,650 | 25,002

रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। रजिस्टेंस जोन पार करने पर तेजी की उम्मीद रहती है।

नोट: सपोर्ट और रेजिस्टेंस के लेवल्स वेल्थ व्यू एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार है।

अब 3 फैक्टर्स जो बाजार की दिशा तय कर सकते हैं…

1. ईरान-अमेरिका वार्ता बेनतीजा, क्रूड ऑयल पर दिखेगा असर

मिड-ईस्ट में तनाव कम करने के लिए ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान में चल रही 21 घंटे की लंबी बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हो गई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि वे बिना किसी डील के वापस लौट रहे हैं। इसका सीधा असर सोमवार को बाजार और कच्चे तेल की कीमतों पर दिख सकता है। अगर क्रूड की कीमतें बढ़ती हैं, तो इससे भारतीय बाजार पर दबाव बढ़ेगा। फिलहाल ब्रेंट क्रूड 95.20 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है।

 

2. दिग्गज कंपनियों के नतीजे तय करेंगे दिशा

बाजार की नजर इस हफ्ते आने वाले चौथी तिमाही (Q4) के नतीजों पर भी रहेगी। BSE में लिस्टेड करीब 50 कंपनियां अपने नतीजे पेश करेंगी। निफ्टी की दिग्गज कंपनियों में विप्रो, HDFC बैंक और ICICI बैंक के परिणाम सबसे महत्वपूर्ण होंगे। इसके अलावा बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर की कई अन्य कंपनियां जैसे यस बैंक, एंजल वन और HDFC लाइफ के नतीजे भी इसी हफ्ते आने हैं।

3. FII की बिकवाली और रुपए की चाल

विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) अप्रैल में अब तक 48,213 करोड़ रुपए की शेयर बेच चुके हैं, जो बाजार के लिए चिंता का विषय है। हालांकि शुक्रवार को उन्होंने 672 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की थी। दूसरी ओर, रुपए की स्थिति भी नाजुक बनी हुई है। जानकारों का कहना है कि डॉलर के मुकाबले रुपया आने वाले दिनों में 93.50 से 94 के स्तर तक गिर सकता है।

एक्सपर्ट व्यू: 24,700 तक जा सकता है निफ्टी

सेंट्रम ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च हेड नीलेश जैन के मुताबिक, बाजार का स्ट्रक्चर पॉजिटिव है और निफ्टी ने 24,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर पार कर लिया है। अब इंडेक्स 24,300 से 24,500 की ओर बढ़ सकता है। वहीं रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा का मानना है कि अगर बाजार 23,500 के स्तर को होल्ड करता है, तो यह 24,700 तक जा सकता है।

IPO मार्केट: इस हफ्ते 2 नए इश्यू खुलेंगे

प्राइमरी मार्केट में भी इस हफ्ते एक्शन दिखेगा। 17 अप्रैल को ‘सिटियस ट्रांसनेट इनविट’ का 1,340 करोड़ रुपए का IPO खुलेगा। साथ ही मेहुल टेलीकॉम का SME IPO भी इसी दिन सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। लिस्टिंग के मोर्चे पर ओम पावर ट्रांसमिशन समेत तीन कंपनियां बाजार में डेब्यू करेंगी।

सेंसेक्स 919 अंक चढ़कर 77,550 पर बंद हुआ था

हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार 10 अप्रैल को सेंसेक्स 919 अंक (1.20%) की तेजी के साथ 77,550 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 275 अंकों (1.16%) की तेजी रही, ये 24,050 पर पहुंच गया। कारोबार में बैंकिंग और ऑटो शेयरों में खरीदारी रही।

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